एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी
मंडी में हिमाचल प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर आयोजित जनसंकल्प सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने मंच से ही अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ अधिकारी रात के अंधेरे में भाजपा नेताओं के घर हाजिरी भर रहे हैं और साजिशों में शामिल हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। डिप्टी सीएम ने कहा कि “मैं किसी से नहीं डरता, और अधिकारी भी कान खोलकर सुन लें। सरकार के खिलाफ चलने वालों को रगड़ दिया जाएगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि जलजीवन मिशन का 1,200 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने रोक रखा है और बल्क ड्रग पार्क का काम हर हाल में दो वर्ष के भीतर पूरा होना चाहिए। अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार तीन वर्षों से जनता के साथ आगे बढ़ रही है। सभा में उमड़ी भीड़ उन लोगों के लिए चेतावनी है जो घर बैठकर सत्ता में आने के सपने देख रहे हैं।
उन्होंने हिमाचल निर्माण में डॉ. वाईएस परमार और वीरभद्र सिंह के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा पहाड़ और जनता के साथ खड़ी रही है, जबकि भाजपा ने ‘महापंजाब’ की वकालत की थी।
उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता दिल्ली जाकर हिमाचल के आपदा राहत पैकेज को रोकने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश लगातार आपदा से जूझ रहा है और सरकार अब तक 4,500 करोड़ रुपये की राहत दे चुकी है, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये में से एक रुपये की भी मदद नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि OPS पर कर्मचारियों को मिल रहे लाभों को केंद्र द्वारा बाधित किया जा रहा है, इसलिए अब सरकार ऐसा कानून बनाएगी जिसे कोई भी भविष्य की सरकार वापस न ले सके। अग्निहोत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार को 75,000 करोड़ रुपये का कर्ज और 10,000 करोड़ रुपये की कर्मचारियों की देनदारी विरासत में मिली, फिर भी HRTC कर्मचारियों को 36 माह का बकाया वेतन और पेंशनरों को समय पर पेंशन दी गई।
उन्होंने कहा कि सरकार हर गारंटी पूरा करेगी और ड्रग माफिया को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। साथ ही उन्होंने सीएम को सुझाव दिया कि जिनको जो जिम्मेदारियां देनी हैं, सरकार खुलकर दे, क्योंकि कार्यकाल अब दो वर्ष शेष है।
