एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
नगर परिषद रामपुर बुशहर में ठेकेदारों के लंबे समय से लंबित बिलों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। ठेकेदारों द्वारा समय पर बिल न बनने की शिकायत पर नगर परिषद ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जिस ठेकेदार का टेंडर पहले लगा है और जिसका कार्य समय पर पूरा हो चुका है, उसका बिल सबसे पहले बनाया जाएगा। इस संबंध में नगर परिषद रामपुर में ठेकेदारों ने कार्यकारी अधिकारी को लिखित मांगपत्र सौंपा। ठेकेदारों ने बताया कि उनके द्वारा किए गए कार्यों के बिल लंबे समय से लंबित हैं, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नगर परिषद ने ठेकेदारों को आश्वस्त किया है कि जो भी ठेकेदार अपना कार्य पूर्ण कर चुका है, वह लिखित रूप में अपने कार्यों का विवरण नगर परिषद कार्यालय में जमा करवाए, ताकि समय रहते कार्यों की जांच कर बिल बनाने की प्रक्रिया पूरी की जा सके। वहीं नगर परिषद ने काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर भी सख्ती दिखाते हुए छह ठेकेदारों से कार्य वापस ले लिया है, जिन्होंने टेंडर लेने के बावजूद तय समय में काम शुरू नहीं किया। नगर परिषद ने स्पष्ट किया कि यह नियम भविष्य में भी लागू रहेगा और समय पर काम शुरू न करने वाले ठेकेदारों से कार्य वापस लेकर किसी अन्य ठेकेदार को सौंप दिया जाएगा।
ठेकेदार यूनियन के सचिव संजय मैहता ने कहा कि नगर परिषद ने भले ही जल्द बिल बनाने का आश्वासन दिया है, लेकिन समस्या यह है कि नगर परिषद में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता समय पर बिल नहीं बना रहे हैं। इसी कारण ठेकेदारों को भुगतान के लिए बार-बार भटकना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ठेकेदारों की लाखों रुपये की देनदारी बिल न बनने के कारण अटकी हुई है, जिससे उनके लिए घर चलाना भी मुश्किल हो गया है।
इस पर नगर परिषद रामपुर बुशहर के कार्यकारी अधिकारी बी.आर. नेगी ने कहा कि जिस ठेकेदार का कार्य पहले पूरा हुआ है, उसका बिल प्राथमिकता के आधार पर बनाया जाएगा और जो ठेकेदार कार्य नहीं कर रहे हैं, उनसे काम वापस लेकर दूसरे ठेकेदारों को दिया जाएगा।
