एआरबी टाइम्स ब्यूरो, चंडीगढ़
पंजाब सरकार ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। अब इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आईटीआई) करने वाले विद्यार्थियों को डबल फायदा मिलेगा। आईटीआई कोर्स पूरा करने के साथ ही वे सिर्फ दो अतिरिक्त परीक्षाएं देकर 10वीं और 12वीं की शैक्षणिक योग्यता का सर्टिफिकेट भी हासिल कर सकेंगे। पहले विद्यार्थियों को आईटीआई के बाद अलग से पढ़ाई कर शैक्षणिक प्रमाणपत्र लेना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी होती थी। लेकिन अब नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के साथ तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से किए गए नए एमओयू के तहत यह सुविधा उपलब्ध होगी। नई शिक्षा नीति के तहत इसे मौजूदा शैक्षणिक सत्र से ही लागू किया जा रहा है।
कैसे मिलेगा फायदा?
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आठवीं कक्षा के बाद दो साल का आईटीआई कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को 10वीं का सर्टिफिकेट पाने के लिए सिर्फ दो विषयों की परीक्षा देनी होगी। इनमें एक भाषा और दूसरा कोई भी पसंदीदा विषय शामिल होगा।
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10वीं पास करने के बाद आईटीआई करने वाले विद्यार्थी दो विषयों की परीक्षा देकर 12वीं का सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे।
क्यों है यह बदलाव महत्वपूर्ण?
आईटीआई का शैक्षणिक प्रमाणपत्र पॉलिटेक्निक, तकनीकी डिप्लोमा और स्नातक कार्यक्रमों में दाखिले के लिए जरूरी होता है। अब विद्यार्थियों को अलग से पढ़ाई करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उनका समय और मेहनत दोनों बचेंगे। राज्य के 137 इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में यह नई सुविधा लागू की जाएगी। इन संस्थानों में लगभग 52,000 सीटें हैं।
वर्चुअल रियलिटी और एआई लैब भी
तकनीकी शिक्षा को और आधुनिक बनाने के लिए हर जिले में एक वर्चुअल रियलिटी (वीआर) लैब खोली जाएगी। साथ ही छह आईटीआई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लैब स्थापित की जा रही है। वीआर लैब विद्यार्थियों को उच्च जोखिम वाले कार्यों का सुरक्षित अभ्यास करने का मौका देगी। एआई लैब प्रैक्टिकल नॉलेज बढ़ाएगी और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद करेगी।
