एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
शोषण मुक्ति मंच के आह्वान पर रामपुर में हाल ही में राज्य के विभिन्न जिलों में दलित समाज पर बढ़ रहे अत्याचार, भेदभाव और हिंसा की घटनाओं के खिलाफ एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। मंच के प्रतिनिधियों ने उपमंडलाधिकारी रामपुर के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी प्रेषित किया।
प्रदर्शन के दौरान संयोजक देवकी नंद, कुलदीप, दिनेश मेहता और मिलाप नेगी ने कहा कि प्रदेश में दलित उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। विशेष रूप से रोहड़ू में दलित बच्चे सिकंदर की मृत्यु तथा कुल्लू के सैंज क्षेत्र में दलित महिला पर हमले और उसकी मौत जैसी दर्दनाक घटनाओं ने समाज की संवेदनशीलता और राज्य की न्याय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
मंच ने कहा कि राज्य सरकार की यह जिम्मेदारी है कि संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, न्याय और सम्मान के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में एससी/एसटी एक्ट को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और दर्ज शिकायतों पर दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी हो। तेलंगाना की तर्ज पर अनुसूचित जाति–जनजाति विकास निधि कानून लागू करने, 85वें संविधान संशोधन को पूर्ण रूप से लागू करने तथा सभी प्रकार की सरकारी भर्तियों में आरक्षण रोस्टर लागू किए जाने की मांग भी प्रमुख रही।
मंच ने सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक संस्थानों में जातीय भेदभाव की जांच के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समिति गठित करने, SC/ST कल्याण बजट का 100% उपयोग सुनिश्चित करने और सफाई कर्मियों को नियमित करने तथा ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग उठाई। दिल्ली, पंजाब और कर्नाटक की तर्ज पर सफाई आयोग के गठन की अपील भी की गई।
इसके अतिरिक्त मंच ने बाल्मीकि समाज सहित सभी भूमिहीन परिवारों को आवासीय भूमि प्रदान कर मालिकाना हक देने, शहरी क्षेत्रों में ढारों को नियमित करने तथा अल्पसंख्यक समुदायों के साथ धर्म आधारित भेदभाव पर रोक लगाने और साम्प्रदायिकता फैलाने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी रखी।
मंच ने सरकार से कहा कि इन मांगों पर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि प्रदेश में समानता, न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
प्रदर्शन में साबिरदास कश्यप, प्रेम चौहान, राहुल, रणजीत, पूर्ण भोगा राम, दुर्गा नंद, दिव्या, आशा, राज पाल, शीलू, नीमू, प्रदीप, बिनु, कैलाश, देवेंद्र, पेग राम सहित कई लोग उपस्थित रहे।
