Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • Rampur Bushahr: रामपुर नगर परिषद में पहली बार भाजपा का कब्जा, 5 वार्ड जीतकर बदला सियासी समीकरण
    • ननखड़ी में हादसा: 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, पिता-बेटी की मौत
    • सिपुर मेला 2026: महिला कबड्डी में बाबा जोगों तो वॉलीबॉल में लव ब्रदर्स बनी चैंपियन
    • HPBOSE 10th Second Exam 2026: ड्यूल परीक्षा प्रणाली के लिए पात्रता तय, जानें कौन दे सकेगा दूसरा एग्जाम
    • दैनिक राशिफल 17 मई 2026 | मेष से मीन तक पढ़ें
    • Shimla: कमला नेहरू अस्पताल को शिफ्ट करने के विरोध में जनवादी महिला समिति का प्रदर्शन
    • Rampur Bushahr: रामपुर महाविद्यालय में यूजीसी नेट/सेट एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष कोचिंग शुरू
    • MC Election: नगर परिषद चुनाव 2026: ईवीएम वितरित, मतदान अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
    Facebook X (Twitter)
    एआरबी टाइम्स
    • होम
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • रामपुर बुशहर
      • कांगड़ा
      • किन्नौर
      • सोलन
      • सिरमौर
      • हमीरपुर
      • बिलासपुर
      • कुल्लू
      • मंडी
      • ऊना
    • देश
    • राजनीति
    • क्राइम
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
    • स्पोर्ट्स
    • मौसम
    • राशिफल
    एआरबी टाइम्स
    हिमाचल प्रदेश

    Shimla: सतलुज नदी में बढ़ता जलस्तर: कोलडैम प्रभावित क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, एनटीपीसी और PWD की रिपोर्ट पर होगी कार्यवाही

    ARB Times TeamBy ARB Times TeamOctober 3, 2025Updated:November 10, 2025No Comments
    Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Reddit Tumblr Email
    Follow Us
    Facebook X (Twitter)

    एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला

    हिमाचल प्रदेश के सुन्नी क्षेत्र में सतलुज नदी के बढ़ते जलस्तर और सिल्ट जमा होने के कारण उत्पन्न खतरों पर गंभीरता दिखाते हुए उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एनटीपीसी और लोक निर्माण विभाग ने विस्तृत रिपोर्टें सौंपीं, जिनका अब विशेषज्ञों की टीम द्वारा अध्ययन करवाया जाएगा।

    उपायुक्त ने कहा कि कोलडैम प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है। पिछले तीन वर्षों से मानसून के दौरान सतलुज नदी के जलस्तर में वृद्धि से सुन्नी, तत्तापानी और चाबा क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। आने वाले समय में इस खतरे को कम करने के लिए डिसिल्टिंग (Disilting) की योजना बनाई जाएगी।

    लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट:

    लोक निर्माण विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कोलडैम के निर्माण के बाद से सतलुज नदी के तल में भौगोलिक और संरचनात्मक बदलाव तेजी से सामने आए हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, 30 मार्च 2015 को कोलडैम की कमीशनिंग हुई थी, जिसकी ऑपरेशन अवधि 30 वर्ष निर्धारित है और न्यूनतम जलस्तर 636 मीटर तय किया गया है। लेकिन बीते वर्षों में नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि और सिल्ट (गाद) जमाव ने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

    प्रमुख घटनाएं और क्षति:

    2018-19: कोलडैम के जल संचय के कारण पहली बार नदी में जल स्तर बढ़ा और सिल्ट जमा हुआ, जिससे चाबा हाइड्रो पावर स्टेशन को नुकसान पहुंचा। चाबा का 70 मीटर लंबा सस्पेंशन ब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ। शिमला-मंडी मार्ग के कई हिस्सों में भारी कटाव (erosion) हुआ। एनटीपीसी ने सड़क मरम्मत के लिए ₹1.72 करोड़ की राशि उपलब्ध करवाई, कार्य 2019 में पूर्ण हुआ। 2023 में चाबा ब्रिज पूरी तरह ढह गया, इसकी मरम्मत लागत ₹15 करोड़ अनुमानित। सुन्नी स्थित सरकारी आईटीआई परिसर, वन विभाग का विश्राम गृह और गौशाला नदी की चपेट में आए।शिमला-मंडी मार्ग फिर कई जगह से क्षतिग्रस्त हुआ।थली ब्रिज भी जल स्तर बढ़ने से क्षतिग्रस्त हुआ और  मरम्मत पर ₹1.5 करोड़ खर्च हुआ। इसी तरह 2025 में 21 जुलाई को थली ब्रिज पर ₹5 लाख का नुकसान। 13 अगस्त: और अधिक क्षति; रेजिंग डेक की मरम्मत के लिए ₹8 करोड़ की लागत आंकी गई। शिमला-मंडी रोड की पूर्ण मरम्मत के लिए ₹29 करोड़ का अनुमानित लागत है

    एनटीपीसी की रिपोर्ट
    एनटीपीसी ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि आईआईटी रूढ़की की टीम ने सतलुज नदी के सिल्ट पर विस्तृत अध्ययन किया है। वर्ष 2014 से 2024 तक के समय को आधार बनाकर अध्ययन किया गया है। इसमें रिमोट सेंसिग, जीआईएस, मल्टी डेट, मल्टी सेंसर सेटेलाइट डाटा का इस्तेमाल किया गया । सिल्ट का अध्ययन जोन वन – तत्तापानी, जोन टू-सुन्नी और जोन तीन-चाबा का है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021 के बाद सिल्ट में बदलाव दर्ज किया गया है। वर्ष 2014 से 2021 तक सिल्ट में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया। वर्ष 2022 और 2023 में भारी बाढ़ आने के कारण रूपात्मक विशेषताएं बदली है। सुन्नी, तत्तापानी और सतलुज के अपस्ट्रीम में नजर आने वाला अवसादन एकत्रित हुआ है। वर्ष 2023 में 2861 मिलियन क्यूबिक मीटर सिप्लेज दर्ज की गई है, जोकि कोलडैम के कमीशन होने के बाद का सबसे अधिक है। वहीं इसी वर्ष सिल्ट कन्सट्रेशन 7120 प्रति मिलियन भाग दर्ज किया गया है।
    जोन 1 तत्तापानी में वर्ष 2022 में सिल्ट 7 हेक्टेयर और 2023 में 27 हेक्टेयर दर्ज हुई। जोन 2 सुन्नी में वर्ष 2022 में 0.5 हेक्टेयर और 10 हेक्टेयर 2023 में रिकॉर्ड की गई। वहीं जोन 3 चाबा में वर्ष 2022 में 1.7 हेक्टेयर से वर्ष 2023 में 8 हेक्टेयर सिल्ट दर्ज की गई है। सिल्ट से कारण पहली बार कोलडेम को 11 जुलाई 2023 को बंद करना पड़ा था।
    इस रिपोर्ट के मुताबिक सुन्नी क्षेत्र में एकत्रित सिल्ट भवन निर्माण के लिए सबसे उपयुक्त बताई गई है। रिपोर्ट में सही तरीके से सिल्ट की माइनिंग करने का सुझाव दिया गया है ताकि पानी के जलस्तर को कम किया जा सके। एनटीपीसी माइनिंग के लिए एनओसी राज्य सरकार को देने के लिए तैयार है।

    #Disilt_Satluj #Flood_Affected_Area #Himachal_Administration #Koldam #NTPC #PWD_Report #Satluj_River #Silt_Mining #Sunni
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    ARB Times Team
    • Website

    Related Posts

    Rampur Bushahr: हिमाचल में 500 वन रक्षक पद खत्म करने का विरोध, ₹16,000 मानदेय में भरण पोषण मुश्किल

    April 29, 2026

    Shimla: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को राहत: 30% शेष ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट जारी करने के आदेश

    April 25, 2026

    Election: हिमाचल में शहरी निकाय चुनाव का ऐलान: 17 मई को मतदान, 51 नगर निकायों में होगा चुनाव

    April 21, 2026

    Shimla: हिमाचल के स्कूलों में छात्रों को मिलेंगी स्टील की पानी की बोतलें, स्कूलों को ब्यौरा उपलब्ध करवाने के निर्देश

    April 17, 2026

    HRTC Financial Crisis : हिमाचल हाईकोर्ट सख्त, मुफ्त यात्रा सुविधाओं पर पुनर्विचार के निर्देश

    April 1, 2026

    Shimla: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का 62वां जन्मदिवस हर्षोल्लास से मनाया, पौधरोपण और मैराथन को दिखाई हरी झंडी

    March 26, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    May 2026
    MTWTFSS
     123
    45678910
    11121314151617
    18192021222324
    25262728293031
    « Apr    
    Categories
    Archives
    About us

    ARB Times एक स्वतंत्र डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है जिसकी शुरुआत 19 जनवरी 2024 को हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर से एक फेसबुक न्यूज चैनल के रूप में हुई। विश्वसनीयता और जनसरोकार को प्राथमिकता देते हुए, हमने 15 जनवरी 2025 को अपनी न्यूज वेबसाइट लॉन्च की। हमारा उद्देश्य केवल खबरें देना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। हमारा मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं, बल्कि जनता की आवाज बनने की जिम्मेदारी भी है।

    हमारा फोकस:

    • स्थानीय, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रासंगिक खबरें
    • जनसरोकार और विकास से जुड़े मुद्दों को उजागर करना
    • पाठकों की भागीदारी को बढ़ावा देना
    • सत्य, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ पत्रकारिता

    Contact Us:

    📞 9882210413
    ✉️ editor@arbtimes.in
    ✉️ arbtimeshp@gmail.com

    Our Visitor

    1 0 8 6 9 7
    Users Today : 120
    Total Users : 108697
    Total views : 217023
    Useful links

    🛡️ Government Links

    • भारत सरकार पोर्टल
    • हिमाचल प्रदेश सरकार
    • हिमाचल पुलिस
    • हिमाचल प्रदेश सचिवालय
    • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC)
    • RTI Online
    • Election Commission of India

    🎓 Education & Universities

    • हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU)
    • सेंट्रल यूनिवर्सिटी हिमाचल प्रदेश (CUHP)
    • सरदार पटेल विश्वविद्यालय (SPU)
    • IGMC शिमला
    • HP Technical University

    💼 Jobs & Services

    • राष्ट्रीय रोजगार सेवा (NCS)
    • हिमाचल रोजगार पोर्टल
    • HPPSC (लोक सेवा आयोग)
    • HPSSSB (कर्मचारी चयन आयोग)
    • MyGov India
    • UIDAI - आधार सेवा
    Home Top Crime Politics
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • About us
    • Contact us
    • Privacy Policy 
    • Disclaimer
    © 2026 ARB Times. All Rights Reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.