एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कांगड़ा
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के हारतड़ा नगेड़ गांव के युवक सौरभ राणा की हत्या के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। पालमपुर स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश धीरु सिंह ठाकुर की अदालत ने दोषी बुआ और उसके दो भतीजों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार सौरभ पेशे से गाड़ी चालक था। 9 जनवरी 2016 को वह गाड़ी लेकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। 11 जनवरी 2016 को उसका शव मंदोल सड़क पर खून से लथपथ मिला। सूचना के आधार पर सौरभ के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सबूतों के आधार पर दो पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल किया। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी 2016 की रात किसी बात को लेकर सौरभ राणा का पवन कुमार, अनिल कुमार और तानो देवी से झगड़ा हो गया था। पहले तीनों ने गाड़ी से उतारकर मारपीट की, लेकिन सौरभ भाग निकला। बाद में उसे पकड़कर डंडों से पीटा गया और अधमरा छोड़ दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
अदालत ने दोषी पवन कुमार (25) और अनिल कुमार (25) उर्फ नील, निवासी मंदोल तहसील बैजनाथ को उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न चुकाने पर छह माह की अतिरिक्त कैद होगी। वहीं, उनकी बुआ तानो देवी निवासी वंदेड़ तहसील बैजनाथ को भी उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया गया है। जुर्माना न भरने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
