एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
दिवाली के मद्देनज़र शिमला जिला प्रशासन ने पटाखों की अनाधिकृत बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने का फैसला किया है। जिला उपायुक्त अनुपम कश्यप ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी एसडीएम को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बिना लाइसेंस पटाखा बिक्री प्रतिबंधित
जिला प्रशासन के अनुसार, शिमला में केवल लाइसेंसधारी दुकानदार ही पटाखे बेच सकेंगे। वर्तमान में जिले में मात्र दो लाइसेंसधारी विक्रेता ही अधिकृत हैं। विस्फोटक अधिनियम 1884 और विस्फोटक नियम 2008 के तहत, बिना लाइसेंस के पटाखों की बिक्री, भंडारण या वितरण अवैध है।
प्रशासन ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ, पटाखों की जब्ती, दुकान का लाइसेंस रद्द करना, आपराधिक मामला दर्ज करना और जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी दुकानों से ही पटाखे खरीदें। दिवाली को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।
मिठाइयों की गुणवत्ता पर सख्ती
त्योहारी सीजन में मिठाइयों में मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे थोक और रिटेल दुकानों का औचक निरीक्षण करें, सैंपलिंग करें, “बेस्ट बिफोर डेट” और पैकेजिंग की जांच करें, अगर घटिया खाद्य सामग्री पाई गई तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध सिलेंडर स्टोरेज पर सख्त निगरानी
दुकानों में 100 किलो से अधिक गैस सिलेंडर स्टोरेज करना अवैध माना गया है। एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजारों में इस पर औचक निरीक्षण करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई करें।
गैर-लाइसेंसी गैस आपूर्ति पर रोक
उपायुक्त ने कहा कि त्योहारी सीजन में अवैध रूप से गैस सिलेंडर की आपूर्ति की संभावना रहती है। इसीलिए उन्होंने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे:
निर्धारित गैस एजेंसी के बाहर से आपूर्ति पर रोक लगाएं
गैर-लाइसेंसी वाहनों को जब्त करें
पंचायत स्तर पर तुरंत सूचना साझा करने के निर्देश
सभी खंड विकास अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि प्रशासन द्वारा जारी सभी आदेशों को पंचायत स्तर तक व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से तुरंत साझा किया जाए, ताकि नीति लागू करने में किसी प्रकार की देरी ना हो।
