एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। शिमला शहर में लगातार बढ़ रही कुत्तों और बंदरों की समस्या को लेकर आज शिमला नागरिक सभा ने नगर निगम कार्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सभा ने नगर निगम आयुक्त को 12 मांगों का ज्ञापन सौंपा और महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्यवाही की मांग की।
सभा के अध्यक्ष जगमोहन ठाकुर ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि आए दिन शिमला के अलग-अलग हिस्सों से कुत्तों और बंदरों के हमलों की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में डर का माहौल है। उन्होंने कहा कि खासकर महिलाएं और स्कूल जाने वाले बच्चे इस संकट का शिकार बन रहे हैं।
🧾 मुख्य मांगे:
खूंखार कुत्तों को शहर से बाहर बनाए गए हट्स में रखा जाए।
सुप्रीम कोर्ट के कुत्तों पर आए फैसले को सख्ती से लागू किया जाए।
कुत्तों के फीडिंग एरिया को आबादी से दूर चिन्हित किया जाए।
सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को खाना देने वालों पर कार्रवाई हो।
पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
बंदरों को भगाने के लिए विशेष यंत्र लगाए जाएं।
वैज्ञानिक ढंग से बंदरों की संख्या को नियंत्रित किया जाए (Scientific Culling)।
कुत्ते या बंदर के काटने पर ₹1 लाख का मुआवजा दिया जाए।
नसबंदी अभियान को बड़े स्तर पर चलाया जाए।
कुत्ते पालने वालों के लिए सख्त नियम बनें और पंजीकरण अनिवार्य किया जाए।
कुत्तों को गोद लेने की प्रक्रिया के लिए नियम तय किए जाएं।
नगर निगम में इस मुद्दे के लिए अलग बजट आवंटित किया जाए।
सभा के सचिव ने कहा कि शिमला नागरिक सभा लंबे समय से आम जनता की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष उठाती रही है, और यह प्रदर्शन उसी निरंतर प्रयास का हिस्सा है।
📈 आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
सभा के वक्ताओं ने बताया कि जुलाई में 250 से अधिक और अगस्त में 300 से अधिक लोग बंदरों, कुत्तों या लंगूरों के हमले का शिकार हुए हैं। यह आंकड़ा केवल दर्ज घटनाओं का है, जबकि कई घटनाएं तो रिपोर्ट ही नहीं होतीं।
🧍 प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोग
प्रदर्शन में जगमोहन ठाकुर, विवेक कश्यप, अलका कंवर, अभिमन्यु खोसला, राजीव ठाकुर, राम रावत सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पूर्व अध्यक्ष विजेंदर मेहरा, कोषाध्यक्ष सुनील वशिष्ठ, सोनिया सवरवाल, जगत राम, डॉ. विजय कौशल, प्रताप चौहान, आयुषी पुंडीर और अन्य गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।
🏛️ आयुक्त ने दिया आश्वासन
प्रदर्शन के बाद शिमला नागरिक सभा का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम के सह आयुक्त भुवन से मिला, जिन्होंने आश्वासन दिया कि इन सभी मांगों पर शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएंगे।
सभा ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया, तो वे शिमला के हर वार्ड में जाकर लोगों को लामबंद कर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
