एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। शिमला में कुत्तों और बंदरों की बढ़ती समस्या से परेशान लोगों की आवाज को बुलंद करते हुए शिमला नागरिक सभा ने आज जिला आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। सभा ने मांग की कि आम लोगों पर जानवरों के हमलों को रोकने के लिए नगर निगम को जमीन पर दिखने वाली ठोस नीति बनानी चाहिए।
सभा के अनुसार, बंदरों और आवारा कुत्तों के आतंक से शहरवासियों में भय का माहौल है। नगर निगम द्वारा अब तक की गई चर्चाएं केवल कागज़ी कार्रवाई तक सीमित रही हैं और जमीन पर इसका कोई असर नहीं दिखता।
सभा के अध्यक्ष जगमोहन ठाकुर और सचिव विवेक कश्यप ने बताया कि जब तक नगर निगम इस गंभीर मुद्दे पर सख्त निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका अभियान लगातार जारी रहेगा।
नागरिक सभा की मुख्य मांगें:
खूंखार कुत्तों को उठाकर सुरक्षित हटों में रखा जाए।
बंदरों की वैज्ञानिक तरीके से कलिंग कर उनकी संख्या नियंत्रित की जाए।
आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए पशु प्रेमियों को प्रोत्साहन दिया जाए।
सार्वजनिक स्थलों पर जानवरों को खाना खिलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सभा ने पार्षद, मेयर, डिप्टी मेयर और कमिश्नर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि इस विषय पर सदन में ठोस और व्यावहारिक नीति बनाई जाए।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से उपस्थित लोग:
जगमोहन ठाकुर, विवेक कश्यप, विजेंदर मेहरा, सुनील वशिष्ठ, संजीव खजूरिया, बालक राम, रमाकांत मिश्रा, रंजीव कुठियाला, महेश वर्मा, कुंदन लाल, अभिमन्यु खोसला, किशोरी डडवालिया, सोनिया साबरवाल, राम रावत, गजाला अनवर, दलीप कुमार, राजेंद्र चौहान, रामप्रकाश, जगदीश, हनी बैंस, वीरेंद्र लाल, रामकृष्ण, जितेंद्र आदि।
