एआरबी टाइम्स ब्यूरो
रामपुर बुशहर। नाथपा, हिमाचल प्रदेश – सतलुज जल विद्युत निगम (SJVN) की 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी परियोजना में काम करने वाले ठेका मजदूरों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को 70वें दिन में प्रवेश कर गया। मजदूरों ने एसजेवीएन प्रबंधन की बेरुखी और श्रम कानूनों की अनदेखी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
यूनियन अध्यक्ष गुरदास, मिलाप नेगी और महासचिव काम राज ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम होते हुए भी एसजेवीएन प्रबंधन ने मजदूरों की न्यायसंगत मांगों पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। यूनियन ने 23 जून 2023 को प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा था, लेकिन दो वर्षों में कोई समाधान नहीं निकला।
मजदूरों की प्रमुख मांगें:
-
ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) का लाभ
-
ग्रेच्युटी का भुगतान
-
काम के आधार पर वेतन निर्धारण
-
स्वास्थ्य और जीवन बीमा
-
पारदर्शी पदोन्नति नीति
मजदूर 1 जुलाई 2025 से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं। यूनियन का आरोप है कि आंदोलन को कुचलने के प्रयास में सीआईएसएफ द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जिसे मजदूरों ने “बर्बर दमन” करार दिया है।
16 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान
यूनियन महासचिव काम राज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इसी क्रम में यूनियन ने 16 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है।
धरने में शामिल प्रमुख लोगों में शूरम लाल वांशटू, कौल राम, पवन, तिलक राज, दौलत राम, राजेंद्र भंडारी, सुरेंद्र ठाकुर, यशवंत, निशा, कमला, विद्या, पूनम, प्रवीण, नीटू, पवन ठाकुर, अमर सिंह आदि शामिल रहे।
