एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा ऐतिहासिक गेयटी थियेटर परिसर के सम्मेलन कक्ष में स्कूली छात्रों के लिए कहानी वाचन सत्र का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी को सृजनात्मकता की ओर मोड़ना तथा उन्हें अपनी लोक संस्कृति से जोड़ना था।
कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार सुदर्शन वशिष्ठ ने ‘चार शिक्षाएं’ और ‘किल्टा’ जैसी लोककथाओं का वाचन किया। इन कहानियों के माध्यम से छात्रों को जीवन मूल्यों, समय के सदुपयोग और बुजुर्गों के सम्मान के महत्व की प्रेरणा दी गई। शिमला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लालपानी और एस.डी. वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गंज बाजार के लगभग 60 छात्रों ने इस सत्र में भाग लिया। कहानी वाचन के बाद छात्रों ने साहित्यकार से संवाद भी किया और कहानी लेखन की बारीकियों को समझा। कई छात्रों ने प्रस्तुत कहानियों पर विश्लेषणात्मक टिप्पणियां भी दीं।
विभाग की निदेशक रीमा कश्यप ने जानकारी दी कि इस तरह के सप्ताहांत कार्यक्रम भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों में भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक छात्र भारतीय लोककथाओं और सृजनात्मक साहित्य से जुड़ सकें।
इस अवसर पर उपनिदेशक कुसुम संघाईक, वरिष्ठ साहित्यकार भूप रंजन, जिला भाषा अधिकारी शिमला अनिल हारटा, और सरोजना नरवाल भी उपस्थित रहे।
