एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
रामपुर के महात्मा गांधी सेवा चिकित्सा परिसर खनेरी में इन दिनों एक प्रेरणादायक पहल ने सबका दिल जीत लिया है। मरीजों के तीमारदारों के लिए शुरू की गई लंगर सेवा ने अस्पताल परिसर में राहत और अपनापन का माहौल बना दिया है। इस सेवा से जहां अस्पताल आने वाले तिमारदार भी खुश हैं वहीं सभी इस सेवा की सराहना भी कर रहे हैं।
10 अक्टूबर से शुरू हुई सेवा ने छुआ दिलों को
10 अक्टूबर से प्रारंभ हुई यह लंगर सेवा न केवल भोजन उपलब्ध करा रही है, बल्कि उन तीमारदारों को भी सहारा दे रही है जो अपने मरीजों के साथ दिन-रात अस्पताल में रहते हैं। यह सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं—जहां भूख मिटाने के साथ-साथ मन को भी सुकून मिल रहा है। इस सेवा के माध्यम से केवल रात्रि का भोजन सोसायटी द्वारा उपलब्ध करवाया जा रहा है।
एलमाईटी संस्था से मिली प्रेरणा
यह पहल रक्तदान सेवा परिवार सोसायटी की है, जिसने एलमाईटी संस्था, शिमला से प्रेरित होकर इस लंगर सेवा की शुरुआत की। सोसायटी के सदस्यों का कहना है कि मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं, और यह लंगर उसी भावना का प्रतीक है।
हर दिन 250 लोगों को घर जैसा भोजन
हर शाम लगभग 200 से 250 लोगों को स्वादिष्ट, पौष्टिक और घर जैसा भोजन परोसा जा रहा है। इसमें सबसे खास बात यह है कि यह भोजन पूरी आत्मीयता, समानता और सेवा भाव से दिया जा रहा है व बिना किसी भेदभाव के।
स्थानीय लोगों का मिल रहा भरपूर सहयोग
इस नेक कार्य में रामपुर उपमंडल के लोग भी दिल खोलकर सहयोग कर रहे हैं। कोई सामग्री दान कर रहा है, कोई अपनी सेवाएं दे रहा है। सोसायटी ने समाजसेवियों से अपील की है कि वे भी इस सेवा में हिस्सा लें और अपना सेवा स्लॉट बुक कर मानवता की इस श्रृंखला को आगे बढ़ाएं।
सेवा को और बेहतर बनाने की मांग
सोसायटी ने स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया है कि लंगर सेवा के संचालन के लिए अस्पताल परिसर में उपयुक्त स्थान उपलब्ध करवाया जाए, ताकि यह सेवा और भी सुचारु व स्वच्छ तरीके से चलाई जा सके। इस पहल से न केवल तीमारदारों को सुविधा मिलेगी, बल्कि अस्पताल परिसर में व्यवस्था भी बेहतर होगी।
मानवता की सच्ची सेवा का उदाहरण
खनेरी अस्पताल के गलियारों में अब सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि सेवा और स्नेह की खुशबू भी फैली है। हर थाली में सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा और इंसानियत परोसी जा रही है। रक्तदान सेवा परिवार सोसायटी की यह पहल इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि सच्ची सेवा वही है जो बिना किसी स्वार्थ के की जाए।
