एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने आज विश्वविद्यालय परिसर में एक जोरदार धरना प्रदर्शन कर छात्रों की विभिन्न समस्याओं को उठाया। परिषद के सक्रिय कार्यकर्ता और छात्र नेता आशीष शर्मा ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया और सरकार से मांग की कि छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हुए जल्द समाधान निकाला जाए।
स्थायी बसों की सुविधा की मांग
छात्रों ने सबसे प्रमुख मुद्दा विश्वविद्यालय में बसों की कमी को बताया। उन्होंने कहा कि करीब 7,000 से 8,000 छात्र विश्वविद्यालय में पढ़ाई करते हैं लेकिन सिर्फ तीन बसें स्थायी रूप से उपलब्ध हैं। इस कारण छात्रों को विश्वविद्यालय पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। परिषद ने मांग की कि नई स्थायी बसों की सुविधा तुरंत मुहैया करवाई जाए।
गैर-शिक्षक स्टाफ की भर्ती की आवश्यकता
अभाविप ने बताया कि विश्वविद्यालय में गैर-शिक्षक कर्मचारियों की भारी कमी है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में देरी होती है। परिषद ने सरकार से अपील की कि लंबित पदों पर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि छात्रों को बेवजह कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
छात्र संघ चुनाव की बहाली
अभाविप ने जोर देकर कहा कि छात्र संघ चुनाव छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है जिसे सरकार ने जबरन छीन लिया है। उन्होंने मांग की कि छात्र संघ चुनावों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए और छात्रों को उनका लोकतांत्रिक मंच लौटाया जाए।
नए छात्रावासों के निर्माण की मांग
प्रदर्शन के दौरान यह भी बताया गया कि विश्वविद्यालय में छात्रावासों की संख्या बेहद कम है, जिससे छात्र किराये के महंगे कमरे लेने को मजबूर हैं। परिषद ने सरकार से आग्रह किया कि नए छात्रावासों का निर्माण कराया जाए ताकि छात्रों को उचित सुविधा मिल सके।
छात्र हितों के लिए जारी रहेगा संघर्ष
अभाविप ने स्पष्ट किया कि वह पहले भी छात्र हितों की आवाज उठाती रही है और आगे भी छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी। परिषद ने सरकार से सभी मांगों पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई की अपील की।
