एआरबी टाइम्स ब्यूरो
शिमला। जिला उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अध्यक्ष अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज शिमला में राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड (State Disaster Mitigation Fund) को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में लगभग ₹125 करोड़ के तीन आपदा न्यूनीकरण प्रस्तावों को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) को भेजने की स्वीकृति दी गई। इन प्रस्तावों का उद्देश्य शिमला जिले में आपदा संभावित क्षेत्रों का जीर्णोद्धार और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
प्रस्तावों का विवरण:
नगर निगम क्षेत्र (₹90 करोड़):
शिमला नगर निगम की सीमाओं के भीतर आपदा संभावित क्षेत्रों की पहचान कर उनके सुरक्षा कार्यों के लिए यह प्रस्ताव रखा गया। इन क्षेत्रों में पहले भी आपदा की घटनाएं हो चुकी हैं।स्लाटर हाउस क्षेत्र, कृष्णानगर (₹14.98 करोड़):
इस क्षेत्र को आपदा से सुरक्षित बनाने के लिए रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज और स्लोप स्टेबिलाइजेशन जैसे कार्य प्रस्तावित हैं।रामचंद्रा चौक से जाखू तक सिकिंग जोन (₹19.81 करोड़):
रामचंद्रा चौक, हैनाल्ट स्कूल और जाखू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जैसे क्षेत्र सिकिंग जोन में आते हैं। इनके वैज्ञानिक रेस्टोरेशन के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया गया।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए कि इन प्रस्तावों के साथ वीडियो और फोटोग्राफिक रिपोर्ट भी संलग्न की जाए ताकि राज्य स्तर पर इनकी प्रभावी प्रस्तुति हो सके।
खामियों वाले प्रस्तावों को किया गया अस्वीकार
बैठक में दो अन्य प्रस्तावों में तकनीकी खामियां पाए जाने पर उपायुक्त ने उन्हें पुनः संशोधित कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। ये प्रस्ताव निम्नलिखित थे:
पंडर केंची से चटोग मार्ग (₹2 करोड़)
रझाणा से सावी रोड (₹1.35 करोड़)
