एआरबी टाइम्स ब्यूरो
किन्नौर। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज किन्नौर जिले के आई.टी.डी.पी. भवन में राजस्व लोक अदालतों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार जमीनी स्तर पर व्यवस्था परिवर्तन के लक्ष्य को साकार कर रही है।
राजस्व मंत्री ने बताया कि आम लोगों को घर-द्वार पर राजस्व से संबंधित मामलों का निपटान सुनिश्चित करने के लिए पूरे प्रदेश में राजस्व लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूर्ण निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करें ताकि वास्तव में आम जनता को इन अदालतों से लाभ मिले।
किन्नौर में अब तक 5209 राजस्व मामले, 4824 का निपटान
बैठक में बताया गया कि जिला किन्नौर में अब तक 5209 राजस्व मामले राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4824 मामलों का निपटान किया जा चुका है। शेष 385 मामलों का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
बैठक की कार्यवाही का संचालन जिला राजस्व अधिकारी अभिषेक बरवाल ने किया, जबकि इस अवसर पर उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा, अतिरिक्त सचिव बलवान चंद, एसडीएम कल्पा अमित कल्थाईक व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नाथपा-झाकड़ी व बासपा परियोजना पुनर्वास पर भी हुई समीक्षा
इसके पश्चात, राजस्व मंत्री ने नाथपा-झाकड़ी परियोजना एवं बासपा परियोजना पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन परामर्श समिति की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास से संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करें।
मंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरती जाए। सभी लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर अगली बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बैठक में भूमि मुआवजा, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत ढांचे से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में 7वें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नन्द लाल, परियोजना प्रभावित पंचायतों के प्रतिनिधि, वन विभाग, जल शक्ति विभाग, और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
