एआरबी टाइम्स ब्यूरो, बिलासपुर
बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के तीसरे स्थापना दिवस को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा मुख्य अतिथि थे, जबकि हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री कर्नल (डॉ.) धनीराम शांडिल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने बताया कि बिलासपुर एम्स केवल तीन वर्षों के रिकॉर्ड समय में स्थापित हुआ और यह हिमाचल की जनता के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि देश में 23 एम्स संचालित हैं, जिनमें से 13 उनके कार्यकाल के दौरान स्थापित हुए। एम्स बिलासपुर ने कम समय में 8 सफल गुर्दा प्रत्यारोपण किए और क्षेत्रीय विषाणु अनुसंधान प्रयोगशाला भी शुरू की गई है।
एम्स बिलासपुर में 750 बिस्तरों की सुविधा, 40 विभागों वाला बाह्य रोगी विभाग, 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, एमआरआई, सीटी स्कैन, पीईटी स्कैन, और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं। हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजनाओं के अंतर्गत 20,000 से अधिक रोगियों का निःशुल्क इलाज किया गया है।
नड्डा ने कहा कि एम्स बिलासपुर से प्रदेशवासियों को चंडीगढ़ और दिल्ली जैसे बड़े अस्पतालों के चक्कर काटने से राहत मिली है। रोगियों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए 250 बिस्तरों वाला विश्राम सदन बनाया गया है और जल्द ही 250 बिस्तरों का एक और विश्राम सदन समाजसेवी संस्था के सहयोग से तैयार किया जाएगा। साथ ही, एम्स परिसर में 5 करोड़ रूपए की लागत से आधुनिक अंतर्वेशी क्रीड़ांगन (इनडोर स्टेडियम) का निर्माण होगा तथा कर्मचारियों के बच्चों के लिए केंद्रीय विद्यालय और डीएवी स्कूल खोलने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के लिए कार्यान्वयन योजना 2025-26 के अंतर्गत 123 करोड़ रूपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 73.13 करोड़ रूपए मातृ-शिशु विंग हेतु स्वीकृत किए गए हैं। इसके अंतर्गत हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को 34 करोड़, नाहन को 11 करोड़, बिलासपुर को 4.5 करोड़, नूरपुर को 3 करोड़, मंडी को 1.65 करोड़ तथा ऊना मेडिकल कॉलेज को 1 करोड़ रूपए की राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त जिन मेडिकल कॉलेजों में मातृ-शिशु विंग का निर्माण हो चुका है, उनके लिए उपकरणों हेतु 18 करोड़ रूपए और लक्ष्य (प्रसव कक्ष गुणवत्ता सुधार) के लिए 32 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री कर्नल (डॉ.) धनीराम शांडिल ने कहा कि एम्स बिलासपुर ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाया है और यह संस्थान पड़ोसी राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने शोध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर बल दिया और प्रदेश में 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना का उल्लेख किया।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन, एम्स बिलासपुर के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र कुमार अरोड़ा समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों और शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।
