एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले के उपलक्ष्य में रामपुर के पाटबंगला मैदान में तीन दिवसीय अश्व प्रदर्शनी 2025 का शुभारंभ शनिवार को हुआ। पहले ही दिन पशुपालन विभाग की टीम ने 65 अश्वों का पंजीकरण किया, जो देर शाम तक जारी रहा। प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए पिन वैली, भावा वैली, जिला किन्नौर और आसपास के क्षेत्रों से दर्जनों अश्व पहुंचे हैं। खासतौर पर चामुर्थी नस्ल के घोड़े खरीददारों का मुख्य आकर्षण बने हुए हैं। इन्हें ‘पहाड़ों का जहाज’ कहा जाता है क्योंकि ये बर्फीले और पत्थरीले रास्तों पर आसानी से चल सकते हैं। यही कारण है कि खरीदार इनके लिए अच्छी-खासी कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं।
हर साल की तरह इस बार भी इस प्रदर्शनी में अश्वों की खरीद-फरोख्त, नस्ल प्रदर्शन और तकनीकी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तराखंड से भी कई खरीदार रामपुर पहुंच चुके हैं और अधिक अश्वों के आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे उत्तम नस्ल के घोड़ों का चयन कर सकें। पशुपालन विभाग के साथ-साथ भारतीय सेना की टीम भी प्रदर्शनी में मौजूद है। आर्मी के विशेषज्ञ अश्वपालकों को घोड़ों की देखरेख, खानपान और स्वास्थ्य जांच से जुड़ी तकनीकी जानकारी दे रहे हैं।
प्रदर्शनी के दूसरे दिन अश्वपालकों के लिए विशेष गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें आधुनिक पशुपालन तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। अंतिम दिन घुड़दौड़ और गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता जैसी रोमांचक गतिविधियां होंगी, जो मेले का मुख्य आकर्षण रहेंगी। प्रदर्शनी में सभी अश्वों के लिए चारे और स्वास्थ्य जांच की विशेष व्यवस्था की गई है।
