एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
जीबी पंत मेमोरियल राजकीय महाविद्यालय, रामपुर द्वारा आयोजित सात दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का समापन शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समापन सत्र के मुख्य वक्ता हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के चेयरमैन प्रो. डॉ. देवेंद्र शर्मा रहे। उन्होंने “उन्नत शोध कौशल एवं शोध नैतिकता” विषय पर विस्तृत और प्रेरणादायक व्याख्यान प्रस्तुत किया।
डॉ. शर्मा ने शोध और अकादमिक गतिविधियों के अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया कि शोध के मूल तत्व रचनात्मकता, नवाचार, रुचि, प्रासंगिकता एवं उसका सामाजिक प्रभाव होते हैं। उन्होंने शोध पत्र के शीर्षक चयन, साहित्य समीक्षा, शोध सामग्री की गुणवत्ता, उपयुक्त जर्नल चयन, यूजीसी फ्रेमवर्क, पीयर रिव्यू प्रक्रिया, एच-इंडेक्स, आई-टेन इंडेक्स, स्कोपस मानकों तथा शोध लेखन में नैतिक सावधानियों पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि ईमानदारी, मौलिकता और सही संदर्भ ही शोध की विश्वसनीयता को तय करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रतिभागियों को उन्नत शोध उपकरणों, पैरामीट्रिक एवं नॉन-पैरामीट्रिक परीक्षणों तथा डेटा विश्लेषण की आधुनिक विधियों का व्यावहारिक परिचय भी कराया।
सत्र का संचालन डॉ. गोपी चंद नेगी, सहायक प्रोफेसर (रसायन विज्ञान) ने किया। उन्होंने संसाधन व्यक्ति, वरिष्ठ संकाय सदस्यों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए सत्र की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का डॉ. शर्मा ने संतोषजनक समाधान किया।
सत्र के अंत में डॉ. टी. डी. वर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के औपचारिक समापन पर आयोजन सचिव डॉ. आशा गर्ग ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस सात दिवसीय एफडीपी में प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों से 291 प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने सभी सात सत्रों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए आयोजन को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया।
प्रतिभागियों का सात दिनों का फीडबैक फॉर्म रविवार को भरा जाएगा, जिसके आधार पर उन्हें प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे।
