एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश में वाहनों की नंबर प्लेट और टायरों में की जा रही अवैध छेड़छाड़ पर अब पुलिस सख्त कार्रवाई करने जा रही है। लगातार मिल रही शिकायतों और सड़क सुरक्षा से जुड़े खतरों को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत ऐसे वाहनों के खिलाफ 5,000 से 10,000 रुपये तक के चालान किए जाएंगे।
🚔 फैंसी नंबर प्लेट वालों पर शिकंजा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में कई वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर फैंसी नंबर प्लेट, गैर-मानक फॉन्ट, स्टाइलिश डिजाइन, स्टिकर या अन्य तरीकों से नंबर प्लेट में बदलाव कर रहे हैं। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि अपराध की स्थिति में वाहन की पहचान में भी बाधा बनता है। हाल ही में हमीरपुर में मॉडिफाइड ऑल्टो कार का भारी चालान किए जाने के बाद इस अभियान को और तेज किया गया है।
📜 कानून क्या कहता है
नंबर प्लेट से छेड़छाड़ मोटर व्हीकल एक्ट 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR) 1989 के तहत दंडनीय अपराध है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वाहन की नंबर प्लेट सरकार की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार ही होनी चाहिए। किसी भी प्रकार का डिजाइन, अतिरिक्त अक्षर, प्रतीक, स्टिकर या रंग परिवर्तन अवैध है।
मॉडिफाइड टायर भी निशाने पर
केवल नंबर प्लेट ही नहीं, टायरों में किए जा रहे बदलाव भी पुलिस की सख्ती के दायरे में आएंगे। ओवरसाइज या अत्यधिक चौड़े टायर, व्हील आर्च से बाहर निकले टायर, गैर-स्वीकृत रिम और निर्माता के मानकों से अलग टायर लगाना नियमों के खिलाफ है। ऐसे संशोधन वाहन की स्थिरता, ब्रेकिंग सिस्टम और सस्पेंशन पर असर डालते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। पुलिस के मुताबिक, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ कानूनन अपराध है और टायरों में गैर-मानक बदलाव सीधे सड़क सुरक्षा को प्रभावित करते हैं। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे नियमों के अनुरूप वाहन चलाएं, अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
