एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया रामपुर इकाई ने महाविद्यालय परिसर में छात्र मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया और प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। इकाई अध्यक्ष मीना राम ने कहा कि महाविद्यालय परिसर स्थित डाकघर को तत्काल प्रभाव से पुनः खोला जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पीटीए के नाम पर छात्रों से अनावश्यक शुल्क वसूली बंद की जाए। साथ ही गर्ल्स कॉमन रूम में पर्दे लगाए जाने, रिक्त पड़े प्राध्यापकों के पदों को भरने और महाविद्यालय कैंटीन की मरम्मत कराने की मांग भी उठाई गई।
इकाई सचिव राहुल विद्यार्थी ने कहा कि रामपुर महाविद्यालय परिसर में स्थित डाकघर को बंद किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और छात्र-विरोधी निर्णय है। यह डाकघर वर्षों से विद्यार्थियों, कर्मचारियों और स्थानीय जनता को महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करता रहा है। इसके बंद होने से विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि डाकघर के माध्यम से छात्रवृत्ति, स्पीड पोस्ट, मनी ऑर्डर, आधार लिंकिंग और बैंकिंग सेवाएं सहित कई आवश्यक कार्य आसानी से संपन्न होते थे। अब इन सेवाओं के लिए विद्यार्थियों को दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है।
एसएफआई ने मांग की है कि:
महाविद्यालय परिसर के डाकघर को तत्काल प्रभाव से पुनः खोला जाए।
विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।
भविष्य में ऐसे निर्णय लेने से पूर्व छात्र प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया जाए।
राहुल विद्यार्थी ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो एसएफआई आम छात्रों को लामबंद कर उग्र आंदोलन करेगी, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
धरना-प्रदर्शन में पूजा, विक्रांत, विवेक, बंटी, जीवन और मनीषा सहित अन्य छात्र उपस्थित रहे।
