एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
रामपुर उपमंडल की लालसा व डन्सा पंचायतों में नशा मुक्त समाज के निर्माण को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते नशे के प्रचलन पर रोक लगाना और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना रहा।
बैठक के दौरान उपस्थित लोगों को मादक पदार्थ अधिनियम और PIT NDPS Act के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि यह समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
पंचायत स्तर पर विशेष रूप से युवाओं और स्कूली बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर सहमति बनी। इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को समय रहते नशे के खतरों के बारे में जागरूक किया जा सके। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दोनों पंचायतों के मुख्य बाजारों और चौक-चौराहों पर CCTV कैमरे लगाने का निर्णय भी लिया गया। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी।
इस मौके पर डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा ने लोगों से अपील की कि मादक पदार्थों से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके अलावा, ‘ड्रग फ्री हिमाचल’ ऐप और नशा रोकथाम के लिए पुलिस द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) को लेकर पंचायतों से सहयोग की अपील की गई।
बैठक में मौजूद सभी गणमान्य व्यक्तियों ने क्षेत्र को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। साथ ही, नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और नशे के आदी व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
