एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
रामपुर उपमंडल की धार गौरा पंचायत के कोटी गांव में भालू के हमले ने पशुपालकों को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार देर रात एक भालू ने पशुशाला की छत तोड़कर अंदर प्रवेश किया और भारी तबाही मचाते हुए राम दास की करीब 70 भेड़ों को मार डाला। हमले में कई अन्य भेड़ें घायल भी हुई हैं, जिससे पशुपालक को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार प्रभावित पशुपालक रामदास की पशुशाला में लगभग 150 भेड़ें मौजूद थीं। रात करीब नौ से दस बजे के बीच हुई इस घटना के दौरान आसपास के लोगों ने भेड़ों के जोर-जोर से मिमियाने और अफरा-तफरी की आवाजें सुनीं। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो भालू वहां से निकल चुका था, लेकिन पशुशाला के भीतर भयावह मंजर देखने को मिला।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया। विभाग ने मृत और घायल पशुओं का विवरण जुटाते हुए मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। वन मंडल अधिकारी रामपुर गुरहर्ष सिंह ने बताया कि प्रभावित पशुपालक को निर्धारित नियमों के तहत उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। भालू की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर उसे पकड़ने के लिए कैप्चर ट्रैप भी स्थापित किए जाएंगे।
वन विभाग की टीम गांव-गांव जाकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भी एडवाइजरी जारी की गई है। विभाग ने लोगों से सुबह-शाम अकेले जंगल, बगीचों और खेतों की ओर न जाने, चलते समय आवाज करते रहने तथा पशुओं को मजबूत और सुरक्षित बाड़ों में रखने की अपील की है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भालू दिखाई देने पर उसके पास जाने, उसे घेरने या फोटो खींचने का प्रयास न करें। किसी भी आपात स्थिति या जंगली जानवर की गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
