एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
दूध उत्पादक संघ एरिया कमेटी रामपुर की बैठक आज किसान मजदूर भवन चाटी में आयोजित हुई। बैठक में 23 अप्रैल को दतनगर में दूध उत्पादकों की मांगों और समस्याओं को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में निरमंड, रामपुर, आनी, ननखड़ी, कुमारसैन, नारकंडा, निथर, करसोग और छतरी क्षेत्र की कमेटियों के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंहा, डॉ. ओंकार शाद, दूध उत्पादक संघ के संयोजक प्रेम चौहान, रणजीत ठाकुर, किसान सभा के राज्य सचिव देवकी नंद और निर्माण ब्लॉक अध्यक्ष पूर्ण ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बजट में दूध के दाम बढ़ाना सराहनीय कदम है, जिसके लिए किसान सभा सरकार का धन्यवाद करती है। हालांकि उन्होंने कहा कि दाम बढ़ने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादकों को सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसका मुख्य कारण दुग्ध सहकारी समितियों में गुणवत्ता जांच के लिए आवश्यक मशीनों का अभाव है।
इसके अलावा दूध की भुगतान प्रक्रिया में हो रही देरी भी बड़ी समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि कई उत्पादकों को दो महीने बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं मिला है, जिससे उनके सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को दतनगर में मिल्क फेडरेशन के समक्ष भी उठाया गया, लेकिन अभी तक न तो सरकार और न ही मिल्क फेड ने समाधान के लिए ठोस कदम उठाए हैं। बैठक में पशु औषधालयों में डॉक्टरों के खाली पदों को भी गंभीर समस्या बताया गया, जिससे पशुपालकों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
दूध उत्पादक संघ ने सरकार से मांग की कि दूध का भुगतान हर महीने सीधे उत्पादकों के खातों में किया जाए, सभी सोसायटियों में गुणवत्ता जांच के लिए टेस्टिंग मशीनें उपलब्ध करवाई जाएं, पशु औषधालयों में खाली पद भरे जाएं और अच्छी नस्ल के सीमन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में तुला राम, सुभाष, करतार, रामलाल, हरविंदर, टिकम, निहाल चंद, काकू, सानू देवी और भीष्म नेगी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
