एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
महात्मा गांधी सेवा परिसर में चल रहे नर्सिंग संस्थान और अस्पताल प्रशासन पर संस्थान में शिक्षा ग्रहण कर रही छात्राओं के परिजनों और रामपुर भाजपा नेताओं ने खनेरी पर गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी नर्सिंग संस्थान में खराब व्यवस्थाओं, पौष्टिक भोजन की कमी और अत्यधिक दबाव के कारण दो छात्राएं टीबी की चपेट में आई हैं। इन छात्राओं के संपर्क में आने वाली संस्थान की 17 अन्य छात्राओं को बचाव के लिए एहतियातन दवा दी गई है।
चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर स्थित इस संस्थान में पहले भी एसडीएम जांच के दौरान कई खामियां उजागर हो चुकी हैं। अब सामने आए इस स्वास्थ्य संकट ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। परिजनों का आरोप है कि संस्थान और अस्पताल प्रबंधन को प्रशिक्षु नर्सों के टीबी पॉजिटिव होने की जानकारी पहले से थी, लेकिन इसे छिपाया गया और उन्हें समय पर सूचित नहीं किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए जानकारी मिलने के बाद ही वे रामपुर पहुंचे और विरोध जताया।
आरोपों के अनुसार, संस्थान में वर्ष 2007 से अब तक मैस का टेंडर नहीं हुआ, जबकि छात्रों से हर महीने 3600 रुपये वसूले जाते रहे। इस राशि का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं दिया गया। साथ ही, छात्रों पर हॉस्टल की स्थिति बाहर न बताने का दबाव बनाया जाता था और अंधविश्वास के जरिए उन्हें डराया जाता था। रामपुर के पूर्व भाजपा प्रत्याशी कौल सिंह नेगी और भाजपा मंडल ने इस मामले को गंभीर प्रशासनिक विफलता बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो आने वाले समय में अस्पताल प्रबंधन का घेराव किया जाएगा।
खनेरी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. रोशन कौंडल ने बताया कि दो प्रशिक्षु छात्राओं को टीबी संक्रमित पाई गई है। अन्य को एहतियातन दवा दी है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दे दी है।
