एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी
हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ की राज्य कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक 30 अगस्त को राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरनगर में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता संघ के राज्य अध्यक्ष अजय नेगी करेंगे। संघ के राज्य महासचिव इंद्र सिंह ठाकुर ने प्रेस को जारी बयान में बताया कि बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के अध्यक्ष, जिला महासचिव, राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं सदस्य भाग लेंगे। राज्य कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों की बैठक में उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
उन्होंने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेशभर के स्कूल प्रवक्ताओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सामूहिक रूप से विचार-विमर्श करना और संगठन की आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप देना है। बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों, स्कूल प्रवक्ताओं की लंबित एवं ज्वलंत मांगों, सेवा संबंधी मामलों तथा शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा संगठन को अधिक सशक्त, व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए स्कूल प्रवक्ता संघ के संविधान के कुछ प्रावधानों में आवश्यक संशोधन पर भी विचार किया जाएगा।
राज्य महासचिव के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त सुझावों, समस्याओं और अपेक्षाओं को भी बैठक में रखा जाएगा, ताकि सभी जिलों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की भावनाओं और विचारों को संगठन की आगामी रणनीति में उचित स्थान दिया जा सके। उन्होंने कहा कि यह बैठक केवल संगठनात्मक चर्चा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शिक्षकों के हितों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए भविष्य की ठोस रणनीति तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।
इंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि संगठन की शक्ति उसकी एकता, लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली और सामूहिक निर्णय क्षमता में निहित है। ऐसे में राज्य कार्यसमिति की बैठक में सभी पदाधिकारियों से सक्रिय सहभागिता और रचनात्मक सुझावों की अपेक्षा है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ शिक्षक एवं विद्यार्थी हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी पूरी एकजुटता के साथ शिक्षकों की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाता रहेगा। संगठन का प्रयास रहेगा कि स्कूल प्रवक्ताओं से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण विषय को उचित मंच पर मजबूती से रखा जाए तथा उनके सम्मान, अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं।
