एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू
ग्रेटर हिमालय की जांस्कर पर्वतमाला में जिला लाहौल की 6048 मीटर ऊंची अज्ञात चोटी पर दस सदस्यीय पर्वतारोही दल ने पहली बार सफलतापूर्वक आरोहण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अभियान के दौरान पर्वतारोहण अनुदेशक एवं पैराग्लाइडिंग पायलट गिमनर सिंह ने चोटी के शिखर से पैराग्लाइडिंग कर साहसिक क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज की।
चोटी पर सफल आरोहण के बाद उसके शिखर से पैराग्लाइडिंग करना गिमनर सिंह के साहस, कौशल और साहसिक प्रतिभा को दर्शाता है। अभियान दल के अनुसार, किसी अज्ञात चोटी के शिखर से पैराग्लाइडिंग का यह पहला प्रयास है। दल ने चोटी पर पहली बार तिरंगा भी फहराया।
यह अभियान भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन के प्रस्तावित अभियान के तहत 22 से 26 अगस्त 2026 तक आयोजित किया गया। अभियान को महज पांच दिनों में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
अभियान दल के नेतृत्वकर्ता देशराज ने बताया कि वर्तमान में इस चोटी का कोई निर्धारित नाम नहीं है। अभियान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के बाद चोटी के नामकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि सामान्यतः किसी अज्ञात चोटी पर पहली बार सफलतापूर्वक आरोहण करने वाले दल या व्यक्ति को उसके नामकरण का प्रस्ताव रखने का अवसर मिलता है।
अभियान में पायलट एवं पर्वतारोहण अनुदेशक गिमनर सिंह के अलावा लक्ष्य दत्त, राम कुमार, अंकित सिंह, रणजीत ठाकुर, गौरव, सौरव, महिला प्रतिभागी केला देवी सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
लाहौल में पर्वतारोहण की अपार संभावनाएं
अभियान दल के अनुसार जांस्कर पर्वतमाला में पर्वतारोहण के क्षेत्र में कई नई संभावनाएं मौजूद हैं। लाहौल क्षेत्र में 6000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली कई चोटियां ऐसी हैं, जिन पर अभी तक आरोहण नहीं हुआ है। भरतपुर आधार शिविर क्षेत्र में करीब 6100 मीटर ऊंची ऊनम चोटी समेत कई अन्य पर्वतारोहण स्थल भी मौजूद हैं।
गिमनर सिंह ने कहा कि लाहौल में नई चोटियों और साहसिक पर्यटन स्थलों की खोज से देशभर के पर्वतारोहियों तथा साहसिक गतिविधियों में रुचि रखने वाले लोगों को हिमाचल की ओर आकर्षित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पहले कई पर्वतारोही आरोहण के लिए लेह-लद्दाख का रुख करते थे, लेकिन लाहौल की नई चोटियां हिमाचल में ही बेहतर पर्वतारोहण के अवसर उपलब्ध करा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल नई चोटी पर आरोहण करना नहीं था, बल्कि युवाओं को पर्वतारोहण और साहसिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित एवं जागरूक करना भी था। साहसिक गतिविधियां युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसी गतिविधियों से युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में भी मदद मिल सकती है।
अभियान दल ने उम्मीद जताई कि लाहौल की नई पर्वतारोहण संभावनाओं से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
