एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की डिजिटल हाजिरी व्यवस्था को और सख्त किया गया है। अब स्टाफ को हर कार्यदिवस में तीन बार डिजिटल हाजिरी दर्ज करनी होगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने वीएसके यानी स्विफ्ट चैट पोर्टल पर हाजिरी के लिए स्कूलों के संचालन समय के आधार पर अलग-अलग टाइम स्लॉट निर्धारित किए हैं। निर्धारित समय में उपस्थिति दर्ज नहीं करने पर संबंधित कर्मचारी के वेतन या मानदेय पर असर पड़ सकता है। विभाग ने संस्था प्रमुखों को सभी कर्मचारियों की तीनों हाजिरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
गर्मियों में स्कूलों के लिए ये रहेगा समय
ग्रीष्मकालीन स्कूलों में पहली यानी चेक-इन हाजिरी सुबह 9:00 से 9:15 बजे के बीच दर्ज करनी होगी। दूसरी हाजिरी दोपहर 12:25 से 12:35 बजे और तीसरी यानी चेक-आउट हाजिरी दोपहर 3:00 से 3:10 बजे के बीच दर्ज होगी। इन तीनों उपस्थिति की रिपोर्ट प्रधानाचार्यों को निर्धारित स्लॉट समाप्त होने के करीब आधे घंटे बाद निदेशालय को भेजनी होगी। पहली रिपोर्ट 9:45 बजे, दूसरी 12:50 बजे और तीसरी रिपोर्ट 3:30 बजे तक भेजनी होगी। अत्यधिक ग्रीष्मकालीन स्कूलों के लिए डिजिटल हाजिरी का समय अलग रखा गया है। यहां पहली हाजिरी सुबह 8:00 से 8:15 बजे, दूसरी 11:25 से 11:35 बजे और तीसरी हाजिरी दोपहर 2:00 से 2:10 बजे तक दर्ज करनी होगी। प्रधानाचार्यों को इनकी रिपोर्ट क्रमशः 8:45 बजे, 11:50 बजे और 2:30 बजे तक भेजनी होगी।
शीतकालीन स्कूलों में शाम तक होगी तीसरी हाजिरी
शीतकालीन स्कूलों में पहली डिजिटल हाजिरी सुबह 10:00 से 10:15 बजे, दूसरी दोपहर 1:25 से 1:35 बजे और अंतिम चेक-आउट हाजिरी शाम 4:00 से 4:10 बजे के बीच दर्ज करनी होगी। इनकी रिपोर्ट प्रधानाचार्यों को क्रमशः 10:45 बजे, 1:50 बजे और 4:30 बजे तक निदेशालय को भेजनी होगी। नई व्यवस्था में प्रत्येक हाजिरी के लिए कर्मचारियों को केवल 10 से 15 मिनट का समय मिलेगा। निर्धारित स्लॉट निकलने के बाद हाजिरी दर्ज नहीं होने पर इसे अनुपस्थिति माना जा सकता है या संबंधित कर्मचारी की उपस्थिति पर सवाल उठ सकता है। सभी कार्यदिवसों में स्टाफ की तीनों डिजिटल हाजिरी सुनिश्चित करना संस्था प्रमुखों की जिम्मेदारी होगी।
वेतन बिल से जोड़ी जाएगी डिजिटल हाजिरी
वीएसके पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति का सत्यापन अब वेतन बिलों के साथ किया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हाजिरी दर्ज नहीं होने की स्थिति में अगले महीने के वेतन या मानदेय में कटौती की जा सकती है। विभाग वीएसके डिजिटल उपस्थिति प्रणाली को ई-वेतन प्रणाली से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रहा है। इसके बाद वेतन बिलों में उपस्थिति का सत्यापन और अधिक स्वचालित होने की संभावना है। नई व्यवस्था के तहत उप निदेशकों, प्रधानाचार्यों और संबंधित शिक्षा अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा। राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा को वीएसके पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।
