एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी के खिलाफ शिमला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने वर्ष 2024 में दर्ज एक एनडीपीएस मामले की जांच के दौरान 19 आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी करीब 4.13 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की है। जब्त संपत्तियों में थार, क्रेटा और ग्रैंड विटारा समेत 11 वाहन, एक होमस्टे और दो आवासीय भवन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, 13 अगस्त 2024 को सदर थाना शिमला की टीम ने एक होटल में दबिश देकर सूरज निवासी लखीसराय, बिहार, वर्तमान पता दक्षिण दिल्ली और रोहित पांडे निवासी आरा, बिहार, वर्तमान पता दक्षिण दिल्ली को पकड़ा था। दोनों के कब्जे से 6.5 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। इसके बाद दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया संपत्तियों का नेटवर्क
पुलिस ने मामले में आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की। इस दौरान कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वित्तीय जांच के दौरान आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की संपत्तियों की भी पड़ताल की गई। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि संबंधित आरोपियों की आय का कोई स्पष्ट वैध स्रोत नहीं था, जबकि उनके नाम पर करोड़ों रुपये की संपत्तियां थीं। पुलिस का कहना है कि आरोपी इन संपत्तियों को अर्जित करने के वैध स्रोत के बारे में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके। इसके आधार पर नौ आरोपियों और उनके 10 सहयोगियों के नाम पर चल-अचल संपत्तियां चिह्नित कर जब्ती की कार्रवाई की गई।
नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुलिस अब तस्करों की आर्थिक गतिविधियों और उनसे जुड़े नेटवर्क पर भी फोकस कर रही है। वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस ने 15 एनडीपीएस मामलों में 68 आरोपियों और उनके सहयोगियों से संबंधित 12.52 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों पर जब्ती की कार्रवाई की है। वित्तीय जांच में तेजी लाकर नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान की जा रही है, ताकि तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर किया जा सके। – मेहर पंवार, एएसपी शिमला
CM सुक्खू ने की शिमला पुलिस की सराहना
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई और करीब 4.13 करोड़ रुपये की संपत्तियों की पहचान कर जब्त करने के लिए शिमला पुलिस के प्रयासों की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। ड्रग कारोबार को आर्थिक रूप से मजबूत करने वाले नेटवर्क को खत्म करना भी जरूरी है। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई वित्तीय जांच और संपत्ति संबंधी कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई कर रही है और ड्रग तस्करों के साथ उनके नेटवर्क की आर्थिक नींव कमजोर करने के लिए पुलिस तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।
