एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | हिमाचल प्रदेश के कृषि और बागवानी विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में कुलपति चयन के लिए तीन सदस्यीय सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटियों का गठन किया है। दोनों समितियां चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रत्येक विश्वविद्यालय के कुलपति पद के लिए तीन से पांच नामों का पैनल राज्यपाल को सौंपेंगी।
यह प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में दायर सीडब्ल्यूपी संख्या 4259/2026 और 5087/2026 से जुड़े फैसले के अनुपालन में शुरू की गई है। कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति चयन के लिए गठित समिति की अध्यक्षता राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज करेंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट को सदस्य बनाया गया है। वहीं, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ की कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल को यूजीसी अध्यक्ष की ओर से नामित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के कुलपति चयन के लिए गठित समिति में भी संदीप भारद्वाज अध्यक्ष और डॉ. एमएल जाट सदस्य होंगे। केंद्रीय विश्वविद्यालय ओडिशा के कुलपति डॉ. अजीत कुमार शासनी को यूजीसी अध्यक्ष के नामित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। दोनों समितियों का मुख्यालय राज्यपाल सचिवालय, लोकभवन शिमला में रहेगा। समितियां चयन प्रक्रिया की कार्यप्रणाली तय करेंगी। जरूरत और सदस्यों की सुविधा के अनुसार बैठकें प्रत्यक्ष, ऑनलाइन या हाइब्रिड माध्यम से आयोजित की जा सकेंगी।
यूजीसी के 2018 के नियमों के तहत होगा चयन
दोनों समितियां कृषि और बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय अधिनियम, 1986 तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 2018 के नियमों के अनुरूप चयन प्रक्रिया पूरी करेंगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक समिति संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति पद के लिए तीन से पांच नामों का पैनल राज्यपाल एवं कुलाधिपति को सौंपेगी।
