एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रोहड़ू। नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मंगलवार को रोहड़ू पुलिस ने चिट्टा तस्करी के मुख्य आरोपी शाही महात्मा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए, लंबा खाटल में उसकी पांच अस्थायी दुकानों को जेसीबी मशीन से जमींदोज कर दिया। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से की गई यह कार्रवाई नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों को नष्ट करने के अभियान का एक अहम हिस्सा है।
कौन है शाही महात्मा?
शाही महात्मा का असली नाम शशि नेगी उर्फ शशि महात्मा है।
वह रोहड़ू उपमंडल की सीमा पंचायत के बिजौरी रंटाड़ी गांव का निवासी है।
पुलिस ने उसे सितंबर 2024 में चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के एक बड़े मामले में गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह जेल में बंद है।
5 राज्यों में फैला था ड्रग नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि शाही महात्मा का ड्रग नेटवर्क केवल शिमला जिले (रोहड़ू, चिड़गांव, जुब्बल, कोटखाई और ठियोग) तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक जुड़े थे।

कोटखाई कनेक्शन: 19 सितंबर 2024 को कोटखाई में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दसीर अहमद मोची को गिरफ्तार किया था।
उसके पास से 468 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था, जिसकी कीमत करीब 18 लाख रुपये आंकी गई। इसी खेप से शाही महात्मा के नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश हुआ था।
करोड़ों का लेनदेन और 57 गिरफ्तारियां
इस गिरोह की जांच में चौंकाने वाले वित्तीय आंकड़े सामने आए हैं:
गिरोह से जुड़े बैंक खातों में पिछले 15 महीनों के भीतर 2.5 से 3 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है।
मामले की परतें खुलने के साथ ही पुलिस ने अलग-अलग चरणों में अब तक कुल 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
