एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
शिमला पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए शोघी के समीप एक टैक्सी से करीब 257 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में पंजाब के अमृतसर निवासी 34 वर्षीय रेशम सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की सप्लाई शिमला में करने के प्रयास में था। बरामद नशीले पदार्थ की मात्रा वाणिज्यिक श्रेणी में आती है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर नशे की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, स्पेशल सेल शिमला की टीम लंबे समय से संदिग्ध सप्लायर पर नजर रख रही थी। इसी दौरान शोघी के समीप एक टैक्सी को जांच के लिए रोका गया। तलाशी लेने पर रेशम सिंह के कब्जे से करीब 257 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। मामले में पुलिस थाना बालूगंज में अभियोग संख्या 230/2026, दिनांक 27 अक्टूबर 2026, के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
तकनीकी साक्ष्यों से पंजाब तक पहुंची पुलिस
नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए शिमला पुलिस बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर भी कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस थाना कोटखाई में दर्ज एक अन्य मामले की जांच के दौरान पंजाब के संगरूर जिले से कथित मुख्य सप्लायर सुखपाल सिंह (28) को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, कोटखाई थाना में अभियोग संख्या 78/2026, दिनांक 8 सितंबर 2026, के तहत दर्ज मामले में देवरी-खनेटी निवासी अंकित से करीब 29 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। जांच के दौरान आरोपी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सऐप चैट और इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR) का विश्लेषण किया गया। इसमें हेरोइन की खरीद-फरोख्त को लेकर संगरूर जिले के गांव मनियाना निवासी सुखपाल सिंह के साथ बातचीत सामने आई।
इसके बाद कोटखाई पुलिस की विशेष टीम पंजाब भेजी गई। गहन जांच और प्रयासों के बाद टीम ने 10 अक्टूबर 2026 को गांव मनियाना से सुखपाल सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
2026 में 86 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
शिमला पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 86 मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है और नशा तस्करी से जुड़े 64 नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। इसके मुकाबले वर्ष 2025 में आठ मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए गए और चार नेटवर्क ध्वस्त हुए थे। वर्ष 2024 में 15 मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी के साथ चार नेटवर्क पर कार्रवाई की गई थी।
पुलिस ने इस वर्ष अब तक करीब 5.5 किलोग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद करने की जानकारी दी है, जिसकी अनुमानित कीमत 30 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इसमें करीब 1.120 किलोग्राम हेरोइन की एक बड़ी बरामदगी भी शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग छह करोड़ रुपये बताई गई है।
इसके अतिरिक्त करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की वाणिज्यिक मात्रा में एलएसडी, 16.5 किलोग्राम चरस, 14 किलोग्राम अफीम और छह किलोग्राम पॉपी हस्क भी बरामद किया गया है। पुलिस ने भांग और अफीम की अवैध खेती के 10 लाख से अधिक पौधों को नष्ट करने का भी दावा किया है।
सप्लाई चेन तोड़ने पर पुलिस का जोर
शिमला पुलिस की रणनीति केवल नशे की छोटी खेपों को पकड़ने तक सीमित नहीं है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से नशीले पदार्थों के स्रोत तक पहुंचने तथा पूरे आपूर्ति नेटवर्क का पता लगाने पर जोर दे रही है।
पुलिस का कहना है कि नशे के मुख्य सप्लायरों और अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसका उद्देश्य नशे की सप्लाई चेन को तोड़ना, अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना है।
