हमीरपुर | हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की फस्टे पंचायत के ट्यालू गांव में प्रवासी मिस्त्री दिग्विजय उर्फ गांगुली की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, महज तीन हजार रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में मिस्त्री की जान चली गई। वारदात में उसके साथ काम करने वाले दो सहायक मजदूरों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार है।
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, मंगलवार रात तीनों एक साथ बैठे थे और उन्होंने शराब का सेवन किया था। इसी दौरान पैसों के हिसाब को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों सहायक मजदूरों ने फावड़े से हमला कर दिग्विजय की हत्या कर दी। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल खून से सना फावड़ा बरामद कर लिया है।
बुधवार शाम सुनसान मकान में मिला शव
हत्या की वारदात का खुलासा बुधवार शाम को हुआ। गांव के एक छोर पर स्थित सुनसान कच्चे मकान के बरामदे में दिग्विजय का खून से लथपथ शव पड़ा था। बताया जा रहा है कि बुधवार शाम कुछ लोग रामलीला देखने जा रहे थे। इसी दौरान मकान में रोशनी देखकर वे वहां पहुंचे। बरामदे में शव देखकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही डीएसपी रश्मि शर्मा और थाना प्रभारी नाजर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। वीरवार सुबह फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। परिजन अभी हमीरपुर नहीं पहुंचे हैं।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश जारी
पुलिस ने फस्टे पंचायत निवासी सुरजीत को गिरफ्तार किया है। उसे अदालत में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, बिहार के मधुबनी निवासी दूसरे आरोपी संतोष की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जांच में सामने आया है कि मृतक टाइल लगाने का काम करता था और दोनों आरोपी उसके सहायक मजदूर थे। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर बलवीर ठाकुर ने बताया कि मामले में एक आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस मामले की आगामी जांच कर रही है।
