एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | हिमाचल प्रदेश के रामपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल का मंगलवार सुबह लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने शिमला के चमियाना स्थित अटल सुपर स्पेशलिटी संस्थान में सुबह करीब 5 बजे अंतिम सांस ली। वह 72 वर्ष के थे और पिछले लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही रामपुर बुशहर समेत पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
परिवार और शैक्षणिक पृष्ठभूमि
नंद लाल का जन्म 16 अप्रैल 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम प्यारे लाल था। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से पूरी की और वर्ष 1976 में राजनीति विज्ञान में एमए (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री हासिल की। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा-बहू और सात साल का पोता है। सक्रिय राजनीति में कदम रखने से पहले नंद लाल का सुरक्षा बलों में एक लंबा, अनुशासित और सराहनीय करियर रहा है।
आईटीबीपी (ITBP) की सेवाएं: उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में कमांडो के रूप में देश की सेवा की। इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बटालियन की कमान भी संभाली।
एसपीजी (SPG) में विशेष योगदान: वर्ष 1985 से 1997 तक उन्होंने प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा से जुड़ी विशेष सुरक्षा इकाई (एसपीजी) में अपनी सेवाएं दीं।
अंतरराष्ट्रीय आयोजन और सम्मान: इस अवधि के दौरान उन्होंने एशियाई खेलों (एशियाड), गुटनिरपेक्ष सम्मेलन (NAM) और राष्ट्रमंडल सम्मेलन जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी इन विशिष्ट एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से भी सम्मानित किया गया था।
वीआरएस लेकर वर्ष 2007 में शुरू की थी सियासी पारी
वर्ष 2007 में आईटीबीपी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के बाद नंद लाल ने राजनीति में प्रवेश किया और कांग्रेस पार्टी का दामन थामा। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीरभद्र सिंह के बेहद करीबी माने जाने वाले नंद लाल ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार चार बार (2007, 2012, 2017 और 2022) शानदार जीत दर्ज की। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई अहम पदों की जिम्मेदारियां संभालीं।
वर्ष 2013 से 2017 तक उन्होंने प्रदेश सरकार में मुख्य संसदीय सचिव (CPS) के रूप में कार्य किया।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कल्याण समिति, ग्रामीण नियोजन समिति और अधीनस्थ विधान समिति जैसे महत्वपूर्ण पैनलों की अध्यक्षता व सदस्यता संभाली।
मार्च 2024 में प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था, साथ ही उन्हें लाडा (LADA) कमेटी की अध्यक्षता की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।
सीएम सुक्खू ने निधन पर जताया शोक
नंदलाल के निधन पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके निधन को पार्टी और प्रदेश के लिए एक बड़ी क्षति बताया गया है। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए कांग्रेस कार्यालय लाया जाएगा, जिसके बाद उनके पैतृक गांव देवठी (रामपुर) में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विधायक के निधन पर लवी मेले की गतिविधियां स्थगित
रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल के आकस्मिक निधन पर उपमंडल प्रशासन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके निधन को रामपुर क्षेत्र और पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2026 के तहत 3 और 4 नवंबर को आयोजित होने वाली पूर्व निर्धारित गतिविधियां स्थगित कर दी हैं। उपमंडलाधिकारी (नागरिक) हर्ष अमरेंद्र सिंह ने कहा कि नंद लाल अपने सार्वजनिक जीवन में क्षेत्र के विकास और समाज के प्रति समर्पित रहे। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। प्रशासन की ओर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई है। साथ ही शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से परिजनों और शुभचिंतकों को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति देने की कामना की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नंद लाल के निधन के चलते मंगलवार और बुधवार को अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2026 के तहत निर्धारित गतिविधियां स्थगित रहेंगी।
