धर्मशाला। तपोवन में मंगलवार को शीत सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्मा गया। सदन के बाहर भाजपा विधायकों ने राज्य सरकार की जॉब ट्रेनी पॉलिसी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार पर युवाओं से किए गए वादों को तोड़ने का आरोप लगाया। सुबह सत्र शुरू होने से ठीक पहले सभी भाजपा विधायक हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर विधानसभा गेट तक पहुंचे। जॉब ट्रेनी पॉलिसी वापस लो, नियमित नौकरी दो और नौकरियों पर लगे प्रतिबंध वापस लो जैसे नारों के बीच विधायकों ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। भाजपा विधायकों का कहना है कि कांग्रेस ने चुनावों के दौरान युवाओं को नियमित रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब नियमित पदों पर भर्ती करने की बजाय युवाओं को दो वर्ष के लिए ट्रेनी के रूप में रखने की नीति लाई जा रही है, जो उन्हें अस्थिर भविष्य की ओर धकेलने जैसा है।
जॉब ट्रेनी पॉलिसी युवाओं के हित में नहीं : जयराम
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार युवाओं को रोजगार देने के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की जॉब ट्रेनी पॉलिसी न तो युवाओं के हित में है और न ही यह राज्य में रोजगार को मजबूत करने वाला कदम है। उनके अनुसार, दो साल तक ट्रेनी के रूप में सेवा करवाकर बाद में नियमितीकरण का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया गया है, जिससे युवाओं में गहरी नाराजगी है। कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान एक साल में एक लाख नौकरियों का वादा किया था, लेकिन सरकार अब वादे से पीछे हटती दिख रही है। बीजेपी विधायकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जॉब ट्रेनी पॉलिसी पर पुनर्विचार नहीं किया तो विरोध और तेज किया जाएगा।
