एआरबी टाइम्स ब्यूरो
मंडी। समाज में एचआईवी नियंत्रण, नशामुक्ति और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य एड्स कंट्रोल सोसायटी ने एक अनोखी और अभिनव पहल की शुरुआत की है। इस पहल के अंतर्गत टैक्सी चालकों को ‘कार-बिन’ (Car-Bin) वितरित किए जा रहे हैं, जो न केवल सफर के दौरान गाड़ियों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद करेंगे, बल्कि यात्रियों तक एचआईवी, नशे के खिलाफ और स्वच्छता से जुड़े संदेश भी पहुंचाएंगे।
मुख्यमंत्री ने किया अभियान का शुभारंभ
इस अभियान की शुरुआत 12 अगस्त को प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा की गई थी। पहले चरण में लगभग 4,000 कार-बिन वितरित किए जा चुके हैं और दूसरे चरण में 6,000 और बांटने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक टैक्सी चालकों को जोड़कर स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण करना है।
गांव-गांव तक पहुंचेगा संदेश
एड्स कंट्रोल सोसायटी के निदेशक श्री राजीव कुमार के मार्गदर्शन में यह अभियान एक माह तक चलेगा। इसकी पहुंच 6,000 गांवों तक सुनिश्चित की जा रही है। टैक्सी चालक प्रतिदिन कई यात्रियों से मिलते हैं, जिससे उनके वाहन एक प्रभावी जनजागरण मंच बन सकते हैं।
करसोग में भी मिला भरपूर समर्थन
इस पहल को करसोग क्षेत्र में भी बल मिला, जहां लगभग 40 टैक्सी चालकों को कार-बिन वितरित किए गए। ICTC काउंसलर नंदा शर्मा ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को नशामुक्त तथा स्वच्छ जीवन के लिए प्रेरित करना है।
देशभर में बना मॉडल
हिमाचल की यह रणनीति अब राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल बन चुकी है। कई राज्य अब इस नवाचार को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है और यह दर्शाता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
जन भागीदारी है अभियान की ताकत
इस अभियान की खास बात है जन भागीदारी। आमतौर पर स्वास्थ्य अभियानों से दूर रहने वाले टैक्सी चालक अब सक्रिय भागीदार बन चुके हैं। अब उनका हर सफर केवल मंजिल तक पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह एचआईवी जागरूकता, स्वच्छता और नशामुक्ति का संदेश भी लेकर चलेगा।
