एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
सीटू जिला कमेटी शिमला का दो दिवसीय जिला सम्मेलन शिमला की अग्रवाल धर्मशाला में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में कुल 49 सदस्यीय नई जिला कमेटी का गठन किया गया, जिसमें कुलदीप डोगरा को अध्यक्ष, अमित कुमार को महासचिव, बालक राम को कोषाध्यक्ष, और अन्य पदाधिकारियों सहित कई सदस्यों का चयन हुआ।
सम्मेलन को सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, उपाध्यक्ष जगत राम, जिलाध्यक्ष कुलदीप डोगरा, उपाध्यक्ष अजय दुलटा व महासचिव अमित कुमार ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लागू मजदूर विरोधी चार लेबर कोड के खिलाफ, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, योजना कर्मियों की नियमितीकरण, आउटसोर्सिंग, ठेका प्रथा के खिलाफ, मनरेगा मजदूरों के लिए बजट व वेतन वृद्धि, श्रमिक कल्याण बोर्ड के आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने सहित अनेक मांगों को लेकर सीटू हिमाचल में निरंतर संघर्षरत है।
प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि चार लेबर कोड लागू होने से लगभग 70% उद्योग व 44% मजदूर श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे। हड़ताल व आंदोलन करने पर मजदूरों को कड़ी सजा व जुर्माना का प्रावधान किया गया है। ठेका प्रथा व फिक्स टर्म रोजगार बढ़ावा मिलने से बंधुआ मजदूरी जैसे हालात बनेंगे।
सम्मेलन में आंगनबाड़ी, मिड डे मील, आशा कर्मियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये, मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने, आउटसोर्स, टेंपररी, कैजुअल श्रमिकों को नियमित रोजगार देने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया गया। इसके अलावा, मनरेगा मजदूरों के लिए 600 रुपये प्रति दिन मजदूरी पर 200 कार्य दिवस और श्रमिक कल्याण बोर्ड से आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने की मांगें भी उठाई गईं।
सभी वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नवउदारवादी नीतियों को बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई का मुख्य कारण बताया और मजदूरों के हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
