एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रिकांगपिओ/शिमला।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में एक बार फिर प्राकृतिक आपदा का कहर टूटा है। वीरवार देर रात करीब तीन घंटे लगातार हुई तेज बारिश के बीच तरांडा पंचायत के थाच गांव में बादल फटा। इससे यहां भारी नुकसान हुआ। बादल फटने के बाद आए मलबे की चपेट में आने से खेत पूरी तरह बह गए, जबकि कुछ गाड़ियां भी बहने की सूचना है। राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी तरह के जानी नुकसान की खबर नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रात को जब लोगों को बादल फटने का अंदेशा हुआ तो वे घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए। हालांकि, भारी मात्रा में आए पानी और मलबे के कारण कई घर अब खतरे की जद में आ गए हैं। प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही हैं।
हिमलैंड में भूस्खलन, घर को खतरा, एडवर्ड स्कूल दो दिन के लिए बंद
इसी बीच राजधानी शिमला में भी वीरवार देर रात प्राकृतिक आपदा का असर देखने को मिला। सर्कुलर रोड पर हिमलैंड के पास भारी भूस्खलन हुआ, जिससे सड़क पूरी तरह बंद हो गई। रात 12 बजे के बाद हुए भूस्खलन के कारण ऊपर बने घर को खतरा पैदा हो गया। जिला प्रशासन ने घरों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने एडवर्ड स्कूल को दो दिन के लिए बंद करने के आदेश दिए हैं। 19 और 20 सितंबर को स्कूल की सभी कक्षाएं ऑनलाइन आयोजित होंगी। शिमला जिले के कुमारसैन क्षेत्र से भी भूस्खलन की बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक तीन मंजिला मकान मलबे में दबकर पूरी तरह जमींदोज हो गया। गनीमत रही कि घर में रह रहे लोग समय रहते बाहर निकल आए और किसी की जान नहीं गई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, प्रदेश में अगले पांच दिनों तक कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। विभाग के अनुसार, सितंबर माह में सामान्य से 46 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। जहां इस अवधि में औसतन 698.3 मिलीमीटर बारिश होती है, वहीं इस बार अब तक 1019.4 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
इस मानसून अब तक 4595 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में अब तक 4595 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति नष्ट हो चुकी है। वहीं, 419 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 1500 घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं और 7000 से अधिक घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
