एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक कर विकास परियोजनाओं को तेज़ी से पूरा करने और जनसेवा में पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का प्राथमिक उद्देश्य सुशासन और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सचिव अपने-अपने विभागों की अधूरी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करें, ताकि जनसाधारण को इनका लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अब से मुख्य सचिव प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा करेंगे।
इन क्षेत्रों को दी गई प्राथमिकता जिनमें स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना, कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार, पर्यटन और ऊर्जा परियोजनाओं को गति, खाद्य प्रसंस्करण व डाटा स्टोरेज सेक्टर में निवेश, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा व एमएसपी की सुविधा, ई-वाहनों के लिए आधारभूत ढांचे का विकास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी सात मेडिकल कॉलेजों को एम्स की तर्ज पर आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि बेहतर इलाज की सुविधा घर के पास मिल सके। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए दूध के दामों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी और प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) देने की नीति का ज़िक्र किया।
आपदा प्रबंधन पर भी दिए निर्देश:
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि 2025 के मॉनसून में भी राज्य को व्यापक नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार सीमित संसाधनों में भी राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राजस्व विभाग को नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने का आदेश दिया ताकि केंद्र सरकार को समय पर भेजी जा सके।
इस बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत व ओंकार चन्द शर्मा, प्रधान सचिव देवेश कुमार, और मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर सहित अन्य सचिव मौजूद रहे।