एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने ऊना जिले के कोटला कलां स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर समिति द्वारा आयोजित वार्षिक धार्मिक महासम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर माथा टेका तथा राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता कर्म करने और फल की चिंता न करने का संदेश देती है। इसी कर्मयोग की भावना को आत्मसात करते हुए प्रदेश सरकार जनकल्याण के कार्यों में निरंतर जुटी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं, आमजन और गरीब वर्ग के कल्याण के लिए संवेदनशील, समावेशी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ योजनाओं को लागू कर रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार निराश्रित बच्चों के लिए माता-पिता की भूमिका निभा रही है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने लगभग 6,000 निराश्रित बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का कानूनी दर्जा प्रदान किया है। इन बच्चों की 27 वर्ष की आयु तक शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र देखभाल की जिम्मेदारी राज्य सरकार द्वारा निभाई जा रही है। योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को 4,000 रुपये मासिक पॉकेट मनी दी जा रही है, जबकि शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य सहित सभी आवश्यकताओं की व्यवस्था सरकार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी विद्यार्थी केवल आर्थिक अभाव के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना आरंभ की गई है, जिसके तहत विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह उनका श्री राधाकृष्ण मंदिर में दूसरा आगमन है और यहां आकर उन्हें सदैव आध्यात्मिक ऊर्जा तथा आशीर्वाद प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हक-हकूक की लड़ाई वे जनता के सहयोग और भगवान के आशीर्वाद से निरंतर लड़ते रहेंगे। इस अवसर पर बाबा बाल जी महाराज ने मुख्यमंत्री को शुभाशीर्वाद देते हुए कहा कि भगवान की कृपा से मुख्यमंत्री पूरे हिमाचल प्रदेश का कल्याण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का परिवार धार्मिक संस्कारों से युक्त है और वे प्रदेश की जनता के लिए निष्ठा एवं समर्पण भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आपदा के समय मंदिर समिति की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में पांच लाख रुपये का योगदान दिया गया था।
कार्यक्रम में विधायक राकेश कालिया, विवेक शर्मा, सुदर्शन सिंह बबलू, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, महाधिवक्ता अनूप रत्न, एससी आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष देशराज गौतम, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक अमित यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
