एआरबी टाइम्स ब्यूरो
धर्मपुर(मंडी)। धर्मपुर उपमंडल के सोन खड्ड में हाल ही में आई फ्लैश फ्लड से प्रभावित लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा अब तक ₹13.60 लाख की फौरी राहत राशि वितरित की जा चुकी है। प्रशासन ने राहत और बहाली कार्यों को तेज़ गति से आगे बढ़ाते हुए क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
एसडीएम धर्मपुर जोगिंद्र पटियाल ने बताया कि इस आपदा में 99 दुकानदार, 15 मकान मालिक और 22 किरायेदार प्रभावित हुए हैं, जिन्हें राहत राशि प्रदान की गई है। प्रशासन द्वारा जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से सड़कों और धर्मपुर बस स्टैंड की सफाई का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि SDRF, NDRF और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें ड्रोन कैमरों की सहायता से लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। प्रशासन राहत व पुनःस्थापन कार्यों में पूरी तरह संलग्न है और शीघ्र ही बस सेवाओं को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
धर्मपुर बस स्टैंड को भारी नुकसान, 20 बसें क्षतिग्रस्त
हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के मंडलीय प्रबंधक मंडी उत्तम सिंह ने बताया कि फ्लैश फ्लड से धर्मपुर बस स्टैंड को गंभीर क्षति पहुंची है।
20 बसें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।
बस स्टैंड और वर्कशॉप में भारी मात्रा में सिल्ट भर गई है।
हमीरपुर और धर्मशाला डिपो से मैकेनिकल टीमें भेजी गई हैं, जो बसों की मरम्मत कार्य में लगेंगी।
फिलहाल सरकाघाट–धर्मपुर मार्ग पर दो बसें शुरू की गई हैं, जबकि धर्मपुर डिपो की 28 अन्य बसें विभिन्न स्थानों पर फंसी हैं। सड़क बहाली के बाद इन्हें चरणबद्ध रूप से चलाया जाएगा।
उत्तम सिंह ने बताया कि डिपो की करीब ₹33 लाख की इन्वेंट्री, और 20 हजार लीटर क्षमता वाले फ्यूल पंप, जिसमें लगभग 15 हजार लीटर ईंधन था, को नुकसान पहुंचा है। ईंधन की रिकवरी और सफाई के लिए इंडियन ऑयल से संपर्क किया गया है।
बिजली विभाग को ₹4.60 करोड़ से अधिक का नुकसान
फ्लैश फ्लड से हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (HPSEB) की अधोसंरचना को भी बड़ा नुकसान हुआ है। विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार:
2 किमी 33 केवी एचटी लाइन और 6 किमी 11 केवी एचटी लाइन क्षतिग्रस्त।
12 ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह या आंशिक रूप से खराब।
9.5 किमी एलटी लाइन और 110 विद्युत पोल को नुकसान।
सबसे अधिक ₹2.25 करोड़ का नुकसान सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर को हुआ है, जिसमें उप-स्टेशन की बाउंड्री वॉल, फेंसिंग, कंट्रोल रूम, सड़क और स्टोर शामिल हैं।
विभाग के 6 वाहन भी क्षतिग्रस्त बताए गए हैं।
बिजली आपूर्ति बहाली का कार्य युद्धस्तर पर जारी है, हालांकि लगातार बारिश और सड़कों की स्थिति के कारण उपकरण और खंभे स्थल तक पहुंचाने में चुनौतियां बनी हुई हैं।










