एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश में सरकार शून्य दाखिले वाले और कुल 39 स्कूलों को बंद करने की तैयारी में है, जबकि 100 से कम विद्यार्थियों वाले 21 कॉलेजों के विलय का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वीरवार को सचिवालय में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि जिन विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दो किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी, उन्हें सरकार की ओर से परिवहन भत्ता प्रदान किया जाएगा। गैर-सीबीएसई स्कूलों के विलय के लिए भी प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सरप्लस शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को जरूरत के अनुसार अन्य शिक्षण संस्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया से किसी भी कर्मचारी की नौकरी प्रभावित नहीं होगी। कम छात्र संख्या वाले कॉलेजों के विलय से बुनियादी ढांचे, शिक्षण स्टाफ और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, नई भर्ती या वर्तमान कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
शिक्षक भर्ती में 23 वर्ष आयु सीमा समाप्त
राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती के लिए न्यूनतम 23 वर्ष आयु सीमा की शर्त समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब 23 वर्ष से कम आयु में डिग्री पूरी करने वाले अभ्यर्थी भी गणित और अंग्रेजी विषय के पदों के लिए पात्र होंगे। बैठक में खेल छात्रावासों के लंबित 1.2 करोड़ रुपये के डाइट फंड को शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही एससीईआरटी मॉड्यूल के आधार पर नव पदोन्नत प्रधानाचार्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
तीन वर्षों में कर दिए गए हैं 1250 स्कूल बंद
मार्च 2023 में सरकार ने अप्रैल 2022 के बाद खोले गए 17 डिग्री और दो संस्कृत कॉलेज बंद किए थे। पिछले तीन वर्षों में 1250 स्कूल बंद या मर्ज किए जा चुके हैं। इनमें 450 स्कूल ऐसे थे, जहां एक भी विद्यार्थी का नामांकन नहीं था। शिक्षा मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शैक्षणिक मानकों में सुधार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुनियादी ढांचे को मजबूत कर और संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग कर सरकारी संस्थानों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित किया जा रहा है।
