एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकाय चुनावों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार के बीच चल रहे गतिरोध के बीच सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल ने पंचायतों के पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह एक महत्वपूर्ण फैसला रहा। कैबिनेट की इस मंजूरी के बाद प्रदेश में पंचायतों का पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, अभी यह तय नहीं किया गया है कि यह प्रक्रिया कब शुरू होगी। इन फैसलों के बीच, राज्य निर्वाचन आयोग ने भी सोमवार को बैलेट पेपर समेत अन्य चुनाव सामग्री का वितरण शुरू कर दिया है।
भर्ती और रोजगार के अवसर
मंत्रिमंडल ने कई महत्वपूर्ण पदों को भरने की मंजूरी दी है:
-पुलिस विभाग में 800 कॉन्स्टेबल के पद भरे जाएंगे।
-स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 1,000 रोगी मित्रों की भर्ती होगी।
-टांडा मेडिकल कॉलेज में 27 और हमीरपुर के मेडिकल कॉलेज में 73 सीनियर रेजिडेंट के पद भरने का निर्णय लिया गया है।
-पुलिस विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के 5 पद और धर्मशाला स्थित फॉरेंसिक लैब में डिजिटल फॉरेंसिक सुविधा के लिए 5 पद भरे जाएंगे।
-जल शक्ति एवं लोक निर्माण विभाग में 150 कनिष्ठ अभियंता (सिविल) को जॉब ट्रेनी के रूप में भर्ती किया जाएगा।
आपदा राहत और सामाजिक सुरक्षा में वृद्धि
कैबिनेट ने आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत राशि में महत्वपूर्ण वृद्धि की है:
-आपदा प्रभावित परिवारों को घरेलू सामान के नुकसान की भरपाई के लिए दी जाने वाली राशि को 70,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया है।
-आग लगने की स्थिति में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 7 लाख रुपये का विशेष सहायता पैकेज मंजूर किया गया है।
मनरेगा और सामाजिक सुरक्षा पेंशन
-मनरेगा के तहत अब 150 कार्यदिवस होंगे। पहले 100 कार्यदिवस होते थे, जिसे कैबिनेट ने 50 दिन बढ़ाने की मंजूरी दी है।
-व्यक्तिगत कार्यों में रिटेनिंग वॉल निर्माण के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
-40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले सभी व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिलेगा। इसके लिए अभिभावकों के सरकारी/अर्ध-सरकारी कर्मचारी या पेंशनर होने की पुरानी पात्रता शर्त को समाप्त कर दिया गया है।
राजीव गांधी स्वरोजगार और एंटी-नारकोटिक्स
-राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के तहत 1,000 पेट्रोल-डीजल टैक्सियों को इलेक्ट्रिक टैक्सी में बदला जाएगा। सरकार इसके लिए 40% सब्सिडी देगी।
-एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का स्पेशल टास्क फोर्स में विलय कर एक एकीकृत स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया गया, जो ‘चिट्टा’ (ड्रग्स) जैसे नशे को रोकने का काम करेगी। पंचायत स्तर पर भी एंटी-चिट्टा अभियान चलाया जाएगा।
व्यावसायिक विस्तार और ढांचागत विकास
-मुख्यमंत्री लघु दुकानदार कल्याण योजना को शहरी क्षेत्रों और 10 लाख तक वार्षिक कारोबार वाले खुदरा विक्रेताओं तक विस्तारित किया गया है।
-एनपीए घोषित दुकानदारों को 1 लाख रुपये तक की एकमुश्त निपटान सहायता प्रदान की जाएगी।
-कंडाघाट (सोलन) और राजगढ़ (सिरमौर) में उप-अग्निशमन केंद्र स्थापित होंगे।
-नेरचौक मेडिकल कॉलेज में नई पुलिस पोस्ट स्थापित की जाएगी और हाईवे पेट्रोलिंग के लिए 10 इलेक्ट्रिक बाइकों की खरीदारी होगी।
शैक्षणिक सुधार
शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं:
-राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में एकीकृत बीएड (बीएससी) कार्यक्रम शुरू करने को मंजूरी।
-धर्मशाला, नादौन, चायलकोटी और टिक्कर के महाविद्यालयों में चार वर्षीय एकीकृत बीएड कार्यक्रम शुरू होंगे।
-सरकारी स्कूलों के 805 प्रधानाचार्यों की पदोन्नति के लिए डीपीसी आयोजित की जाएगी।
