एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
राजकीय महाविद्यालय के भूगोल विभाग में विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक गतिविधि जारी है। 27 मार्च 2026 को डॉ. जितेन्द्र साहनी द्वारा दत्तनगर से रेशम के कीट (सिल्कवर्म) लाए गए, जिनका उद्देश्य छात्रों को रेशम उत्पादन एवं पालन (सेरीकल्चर) का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है।
रेशम के कीटों को लाने के बाद से उनकी नियमित देखभाल की जा रही है। भूगोल विभाग के स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थी इस जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रहे हैं। वे कीटों के भोजन, तापमान और स्वच्छता का विशेष ध्यान रख रहे हैं, जिससे उनका स्वस्थ विकास सुनिश्चित हो सके।
इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हो रहा है, जो उनके शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास में सहायक साबित होगा। महाविद्यालय प्रशासन ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक पहल बताया है।
