एआरबी टाइम्स ब्यूरो | किन्नौर
किन्नौर ज़िले के सांगला स्थित आसवान होटल में हिमाचल शिक्षक महासंघ की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष डॉ. प्रेम शर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में सलाहकार एवं संयुक्त सचिव पवन सोनी तथा रविकांत उपस्थित रहे।
बैठक में जिला किन्नौर इकाई के अध्यक्ष अनिल कुमार नेगी, संगठन सचिव विरेंद्र नेगी और महासचिव पवन गेलोंग ने राज्य कार्यकारिणी के सदस्यों का किन्नौरी टोपी और पारंपरिक खातगस से स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर जिला किन्नौर के तीनों खंडों के अध्यक्षों सहित 46 कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान शिक्षा हित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अनुबंध आधार पर नियुक्त अध्यापकों के वर्ष में दो बार नियमितीकरण के निर्णय के लिए राज्य सरकार तथा मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया। इसके साथ ही पूर्ण वेतन पर अध्ययन अवकाश प्रदान करने और एसएमसी आधारित अध्यापकों की एलडीआर के माध्यम से नियुक्ति के निर्णय का भी स्वागत किया गया। महासंघ ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तावित 3 प्रतिशत वेतन स्थगन के निर्णय को वापस लेने पर हर्ष व्यक्त किया और इसके लिए धन्यवाद प्रकट किया।
बैठक में सर्वसम्मति से यह मांग उठाई गई कि प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। कर्मचारियों और शिक्षकों के लंबित बकाया वेतन तथा देय 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता जल्द जारी किया जाए। साथ ही सीमावर्ती जनजातीय क्षेत्रों, विशेषकर वाइब्रेंट विलेज क्षेत्र में, शून्य नामांकन की स्थिति में भी विद्यालयों को बंद न करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त वोकेशनल एवं कंप्यूटर अध्यापकों के लिए स्थायी नियमितीकरण नीति बनाने की मांग भी राज्य सरकार से की गई।
