एआरबी टाइम्स ब्यूरो | मंडी
देवभूमि हिमाचल की आस्था, परंपरा और समृद्ध लोक संस्कृति का प्रतीक अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 2026 इस वर्ष 16 से 22 फरवरी तक मंडी में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। सात दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहेगा। मेले के लिए 216 देवी-देवताओं को विधिवत निमंत्रण भेजा जाएगा, जो मंडी की शिवरात्रि परंपरा की विशिष्ट पहचान को दर्शाता है।

महोत्सव की तैयारियों को लेकर उपायुक्त एवं अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेला समिति के अध्यक्ष अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, मेला समिति के सदस्य और संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। उपायुक्त ने कहा कि मंडी का शिवरात्रि महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि देव आस्था, सामाजिक समरसता और लोक संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने आयोजन को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए सभी विभागों के आपसी समन्वय पर बल दिया।
पड्डल मैदान में विराजेंगे देवी-देवता
उपायुक्त ने जानकारी दी कि पड्डल् मेला मैदान में देवी-देवताओं के बैठने के लिए स्थायी और आकर्षक स्थल विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को देव दर्शन के दौरान बेहतर सुविधा मिल सके। साथ ही सभी देवी-देवताओं को समय पर निमंत्रण भेजने और सदियों पुरानी देव परंपराओं को अक्षुण बनाए रखने के निर्देश दिए गए। इस वर्ष शिवरात्रि महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने के उद्देश्य से कई नए और आकर्षक कार्यक्रमों को शामिल किया गया है। इनमें थीम आधारित सांस्कृतिक संध्याएं, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक परेड, “वॉयस ऑफ शिवरात्रि”, कला एवं साहित्य महोत्सव, भजन संध्या, नाटक मंचन, कवि सम्मेलन और पारंपरिक वाद्य यंत्र प्रतियोगिताएं प्रमुख रहेंगी। इसके अलावा मेला मैदान में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों के साथ मंडी आर्ट फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मंडी सिल्क, मंडी कलम और स्थानीय हस्तशिल्प को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
स्वच्छता पर जोर : सभी स्टॉलों में डस्टबिन रखना अनिवार्य
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर उपायुक्त ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी स्टॉलों पर डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर जुर्माने का प्रावधान रहेगा। नगर निगम को अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती और पर्याप्त डस्टबिन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली-पानी आपूर्ति, सड़क रखरखाव और वित्तीय प्रबंधन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
