एआरबी टाइम्स ब्यूरो
रामपुर बुशहर। रामपुर में उपमण्डलाधिकारी (ना.) हर्ष अमरेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में “हाथ से मैला ढोने (मैनुअल स्कैवेंजिंग) के रूप में रोजगार पर निषेध और पुनर्वास अधिनियम 2013” के अंतर्गत उपमण्डल स्तरीय समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में अधिनियम के सभी महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह अधिनियम भारत में हाथ से मैला ढोने की अमानवीय प्रथा को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करता है। किसी भी व्यक्ति को मैनुअल स्कैवेंजिंग के लिए नियुक्त करना, मजबूर करना, या किसी भी रूप में संलिप्त रखना कानूनी अपराध है। उपमण्डलाधिकारी ने कहा कि अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा और इस पर नियमित निरीक्षण और निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जागरूकता और पुनर्वास के माध्यम से ही इस असंवैधानिक और अमानवीय प्रथा को समाज से पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि सभी शुष्क शौचालयों को फ्लश शौचालयों में बदला जाएगा, और सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई केवल मशीनों और सुरक्षित तकनीकों से की जाएगी। पुनर्वास योजनाओं के अंतर्गत प्रभावित परिवारों को प्रशिक्षण, रोजगार, शिक्षा, वित्तीय सहायता और ऋण सुविधा जैसी सहायता दी जाएगी ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। बैठक में खण्ड विकास अधिकारी राजेंद्र नेगी, थाना प्रभारी आशीष कौशल, बैंक प्रबंधक नवीन जाल्टा, तहसील कल्याण अधिकारी कर्मवीर, और गैर सरकारी सदस्य गुलजार और सुखवीरी भी उपस्थित रहे।
