एआरबी टाइम्स ब्यूरो | कुल्लू
जिला कुल्लू के विकास खंड निरमंड में मिड डे मील वर्कर्स यूनियन (सीटू) की ब्लॉक इकाई निरमण्ड की बैठक रमेश की अध्यक्षता में विश्राम गृह निरमण्ड में आयोजित हुई। बैठक में मिड डे मील कर्मियों की समस्याओं और मांगों को लेकर 22 जून 2026 को प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू जिला शिमला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, राम दास मल्होत्रा और यूनियन महासचिव सत्या शर्मा ने प्रदेश सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बजट में मिड डे मील वर्कर्स के लिए मात्र ₹500 की बढ़ोतरी की गई है, जो महंगाई के इस दौर में बेहद नाकाफी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में मिड डे मील कर्मियों को ₹5500 मासिक वेतन दिया जा रहा है, जिससे परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल है। प्रदेश में करीब 21 हजार मिड डे मील कर्मियों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। मजदूरों को राज्य और केंद्र सरकार से मिलने वाला वेतन एक साथ नहीं मिल रहा, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यूनियन नेताओं ने बताया कि हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने वर्ष 2019 और 2024 में अपने फैसलों में मिड डे मील कर्मियों को 10 महीने के बजाय 12 महीने का वेतन देने के निर्देश दिए हैं, लेकिन सरकार ने अब तक इसे लागू नहीं किया है और इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिड डे मील कर्मियों से किचन गार्डन, सफाई, पानी की टंकियों की सफाई सहित कई अतिरिक्त कार्य करवाए जाते हैं, जिनका कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाता। छुट्टी लेने की स्थिति में उन्हें अपने स्थान पर रिलीवर भेजना पड़ता है, जिसका खर्च भी उन्हें खुद वहन करना पड़ता है।
यूनियन ने मांग की कि मिड डे मील कर्मियों को न्यूनतम ₹13,500 वेतन दिया जाए, हर महीने की पहली तारीख को वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए और वेतन स्लिप प्रदान की जाए। इसके अलावा फ्री मेडिकल टेस्ट, साल में कम से कम 20 छुट्टियां, दो वर्दी, तथा अन्य कर्मचारियों की तरह सुविधाएं देने की भी मांग की गई।
उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के मर्जर की स्थिति में मिड डे मील वर्कर्स को अन्य स्कूलों में समायोजित किया जाए। साथ ही चुनाव ड्यूटी और अन्य अतिरिक्त कार्यों के लिए उचित पारिश्रमिक दिया जाए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि यूनियन ब्लॉक स्तर पर अभियान चलाकर 22 जून 2026 की प्रदेशव्यापी हड़ताल को सफल बनाएगी। इस दौरान सत्या, कृष्णा, दीपा, सलोचना, इंद्रा, किरण, चिमना, पुष्पा और कमला सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
