एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश के कैंसर रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। अब मरीजों को PET-CT स्कैन के लिए पंजाब या अन्य राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में यह अत्याधुनिक सुविधा शुरू हो गई है। यहां मरीजों को PET-CT स्कैन मात्र करीब 10 हजार रुपये में उपलब्ध होगा, जबकि निजी अस्पतालों में इसके लिए 20 से 25 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ता है।

वीरवार को सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने IGMC में PET-CT स्कैन मशीन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार सरकारी क्षेत्र में यह सुविधा शुरू की गई है, जिससे मरीजों को समय और धन दोनों की बचत होगी। PET-CT स्कैन एक उन्नत चिकित्सा तकनीक है, जो रोगों का प्रारंभिक स्तर पर ही मेटाबॉलिक और मॉलिक्यूलर स्तर पर पता लगाने में सक्षम है। पारंपरिक तकनीकों जैसे CT स्कैन और MRI जहां शरीर में संरचनात्मक बदलाव बाद के चरणों में दिखाती हैं, वहीं PET स्कैन बीमारी की शुरुआती पहचान कर सकता है।
बीमारी का पता लगाने में बेहद उपयोगी
यह तकनीक कैंसर के स्टेज निर्धारण, उपचार के प्रभाव का आकलन, बीमारी की पुनरावृत्ति का पता लगाने और रोग के पूर्वानुमान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मस्तिष्क ट्यूमर, सिर और गर्दन के कैंसर, थायरॉयड, फेफड़े, स्तन और कोलोरेक्टल कैंसर जैसे मामलों में यह बेहद उपयोगी है। इसके अलावा अब PET-CT स्कैन का उपयोग हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, संक्रमण और सूजन संबंधी बीमारियों के मूल्यांकन में भी किया जा रहा है, खासकर तब जब पारंपरिक जांच से स्पष्ट निष्कर्ष नहीं मिलते।
सीएम बोले : स्वास्थ्य क्षेत्र में 3000 करोड़ होंगे खर्च
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में IGMC में 3 टेस्ला MRI मशीन भी शुरू की गई है। आने वाले समय में प्रदेश सरकार सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों के तकनीकी उन्नयन के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी। उन्होंने IGMC में SPECT-CT स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए 8 करोड़ रुपये की घोषणा भी की।
