एआरबी टाइम्स ब्यूरो
किन्नौर। राजकीय महाविद्यालय रिकांग पिओ में हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजभाषा पखवाड़ा के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भाषा एवं संस्कृति विभाग किन्नौर द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों के 140 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में भाषण, निबंध लेखन और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इस आयोजन में राजकीय महाविद्यालय के नवाचार लिटरेरी क्लब ने भी अहम योगदान दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. उत्तम चंद चौहान, प्रधानाचार्य, राजकीय महाविद्यालय रिकांग पिओ ने कहा कि “राजभाषा पखवाड़ा” का उद्देश्य युवाओं को हिंदी से जोड़ना है, जिससे वे इसे अपनी बोलचाल और सरकारी कार्यों में शामिल करें। उन्होंने बताया कि जिला किन्नौर में 80% से अधिक कार्य हिंदी में संपन्न हो रहा है, जो एक सराहनीय उपलब्धि है।
जिला भाषा अधिकारी दीपा शर्मा ने अतिथि का पारंपरिक स्वागत किया और विभाग द्वारा जिला में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।
प्रतियोगिता परिणाम:
भाषण प्रतियोगिता:
प्रथम: कल्पना (राजकीय उच्च पाठशाला)
द्वितीय: नवदिशा (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी)
तृतीय: निकिता (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उरनी)
निबंध लेखन प्रतियोगिता:
प्रथम: निकिता नेगी (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पांगी)
द्वितीय: तनवी (जवाहर नवोदय विद्यालय, रिकांग पिओ)
तृतीय: खुशी (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तंगलिंग)
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता:
प्रथम: अंकेश कुमार (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ब्रुआ)
द्वितीय: आशा लामा (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला उरनी)
तृतीय: सुशमिता नेगी
विजेताओं को मुख्य अतिथि द्वारा स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विशिष्ट सम्मान:
जय कुमार गुप्ता (जिला कार्यक्रम अधिकारी) को हिंदी में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
वरुण कश्यप (जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय) को प्रथम और अजय कुमार (कनिष्ठ सहायक, उपमंडलाधिकारी कार्यालय कल्पा) को द्वितीय पुरस्कार।
जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय, किन्नौर को ओवरऑल प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ. सिद्धेश्वरी नेगी, डॉ. शेर सिंह, डॉ. ज्ञान चंद और बालम नेगी को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
