एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के तहत रामपुर एचपीएस ने अपशिष्ट के पुनः उपयोग और संसाधनों के संरक्षण की दिशा में अभिनव पहल की है। विद्युत मंत्रालय एवं निगमित कार्यालय के निर्देशानुसार 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चल रहे अभियान के अंतर्गत ‘वेस्ट टू वेल्थ एवं वेस्ट टू आर्ट ड्राइव’ के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
29 सितंबर को परियोजना प्रमुख रामपुर एचपीएस ई. विकास मारवाह के मार्गदर्शन में पीएचइएम विभाग की टीम ने अनुपयोगी 400 केवी जीआईएस (गैस इंसुलेटेड स्विचगियर) सर्किट ब्रेकर पोल के तकनीकी रूप से उपयोगी घटकों का पुनः इस्तेमाल कर एक यांत्रिक प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन मॉडल तैयार किया।
यह मॉडल नए कर्मचारियों को जीआईएस सर्किट ब्रेकर की संरचना, आंतरिक घटकों, असेंबली और कार्यप्रणाली को व्यावहारिक रूप से समझने में मदद करेगा। साथ ही, वास्तविक परिचालन उपकरणों पर निर्भरता कम करते हुए सुरक्षित एवं नियंत्रित वातावरण में तकनीकी प्रशिक्षण देने में भी उपयोगी होगा। इससे अपशिष्ट में कमी, संसाधन संरक्षण और लागत प्रभावशीलता को बढ़ावा मिलेगा।
रंदल स्कूल में ‘कबाड़ से कला’ प्रतियोगिता
अभियान के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रंदल में ‘कबाड़ से कला-वेस्ट टू आर्ट’ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने बेकार सामग्री से आकर्षक और उपयोगी कलाकृतियां तैयार कर पर्यावरण संरक्षण एवं पुनः उपयोग का संदेश दिया।
प्रतियोगिता में कक्षा 11वीं के रौनक शर्मा ने प्रथम, कक्षा 7वीं के अन्वीत सिंह ने द्वितीय और कक्षा 7वीं के अमन ने तृतीय स्थान हासिल किया। अंकिता सोनी और पियूष को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
परियोजना प्रमुख ई. विकास मारवाह ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘कबाड़ से जुगाड़’ अपशिष्ट से उपयोगिता की ओर सार्थक कदम है। उन्होंने पीएचइएम विभागाध्यक्ष संजीव शर्मा और उनकी टीम के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि Reduce, Reuse और Recycle की अवधारणा को व्यवहार में अपनाकर अपशिष्ट को कम किया जा सकता है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सकता है।
कार्यक्रम में पीएसआईटीएंडसी, गुणवत्ता एवं सुरक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष ई. रौशन कुमार, रंदल स्कूल के प्रधानाचार्य व शिक्षकगण तथा रामपुर एचपीएस के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
